नई दिल्ली -संविधान पर दिए गए अपने बयान के कारण केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े विवादों में घिर गए हैं। एक तरफ जहां उनके इस बयान से भाजपा ने पल्ला झाड़ लिया तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने इसको लेकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संसद के दोनों सदनों में हंगामा मचाने के बाद आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में पार्टी नेता संसद परिसर के भीतर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने हेगड़े के बयान को लेकर विरोध-प्रदर्शन करते नजर आए।कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री हेगड़े ने कहा था कि जो लोग खुद को धर्मनरपेक्ष कहते हैं, वे नहीं जानते कि उनका खून क्या है। हां, संविधान यह अधिकार देता है कि हम खुद को धर्मनिरपेक्ष कहें, लेकिन संविधान में कई बार संशोधन हो चुके हैं, हम भी उसमें संशोधन करेंगे, हम सत्ता में इसलिए ही आए हैं।अब हेगड़े ने भी अपने इस बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा, ‘मेरे बयान के कारण लोक सभा और राज्य सभा में गतिरोध के संबंध में दोस्तों में मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि संविधान, संसद मेरे लिए सर्वोपरि है।’ उन्होंने आगे कहा, मैं संविधान, संसद और बाबा साहेब अंबेडकर का सम्मान करता हूं। संविधान मेरे लिए सर्वोपरि है। इस पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता है। एक नागरिक के तौर पर मैं कभी भी इसके खिलाफ नहीं जा सकता हूं।’इससे पहले हेगड़े के बयान से पल्ला झाड़ते हुए संसदीय मामलों के राज्यमंत्री विजय गोयल ने सदन से कहा था कि हम संविधान को लेकर प्रतिबद्ध हैं और हम उनके बयान का समर्थन नहीं करते हैं।













