सतना: समाजसेवी अन्ना हजारे ने देश में किसानों की स्थिति को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार किसान की नहीं बल्कि अंबानी, अडानी जैसे उद्योगपतियों के बारे में सोचती है। हजारे ने कहा, भ्रष्टाचार मुक्त भारत के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, अखबारों में इश्तेहार दिए जाते हैं, मगर काम नहीं होता. वादों और विज्ञापनों से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा। उन्होंने बताया, ‘‘मैंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है जिसमें साफ कहा गया है कि किसान को उसकी फसल का दाम नहीं मिलने के लिए सरकार सीधे जिम्मेदार है।’’ उन्होंने बताया कि देश में 70 साल में 12 लाख किसानों ने आत्महत्या की है। हजारे ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी ने सत्ता में आने के बाद लोकपाल विधेयक लागू करने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त भारत की कल्पना को साकार रुप देने कहा था। लेकिन इसके लिए सिर्फ प्रचार प्रसार किया जा रहा है और हो कुछ नहीं रहा है। सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है।













