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चंडीगढ़- कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद पंजाब में राजनीति गरमा गई है। विपक्षी पार्टियों ने जहां मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को घेरना शुरू कर दिया है वहीं कांग्रेस ने भी आम आदमी पार्टी के विधायक व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैहरा पर निशाना साधा है। भाजपा, आम आदमी पार्टी ने कहा है कि राणा के इस्तीफे के बाद सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। भाजपा के प्रदेश प्रधान विजय सांपला ने कहा कि कैप्टन ने राणा का इस्तीफा राहुल गांधी के दबाव में स्वीकार किया है। इससे विपक्ष द्वारा सरकार, कैप्टन व राणा पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध हो गए हैं। सांपला ने कहा कि कैप्टन अब कम से कम भ्रष्टाचार खत्म करने के अपने चुनावी वायदे को पूरा करते हुए बहुकरोड़ी रेत खनन मामले में राणा गुरजीत व उनकी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा लगाई गई करोड़ों की बोली में पैसे कहां से आए, इसकी जांच ईडी को सौंपे। इसकी जांच पंजाब सरकार द्वारा अभी तक नहीं करवाई गई है।









