शिवसेना बाल ठाकरे पंजाब प्रधान ने आज पार्टी दफ्तर पर प्रेस वार्ता को संबोधन करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब शिवसेना बाल ठाकरे शिंदे ग्रुप के नेताओं की सुरक्षा वापस लेकर उनको मरवाना चाहते हैं। राजनितिक रंजिश के चलते सीएम भगवंत मान की घटिया सोच ने पहले भी पंजाब में दिन दिहाड़े हिन्दू-सिख लोगों को मरवाया है लेकिन आगे हम ऐसा कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सिंगला ने कहा कि हमारे पठानकोट से शिवसेना पंजाब के महासचिव जोगिंदर पाल जग्गी और आईटी सेल के पंजाब प्रमुख अजय बबर को सुरक्षा काफी समय से मिली हुई थी जो आज राजनीतिक रंजिश के चलते वापस ले ली गई है जो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने योग्य नहीं है क्योंकि अजय बबर के दो परिवारिक मेंबरों को पहले ही आतंकवादियों ने मारा हुआ है और इस समय पंजाब का माहौल पूरी तरह से खराब है।
सिंगला ने कहा कि नंगल में विकास बग्गा को सरेआम दुकान पर बैठे हुए गोलियां मार दी जाती हैं सुरक्षा देने के बदले हमारे नेताओं को टारगेट किया जा रहा है शिव सेना द्वारा पूरे पंजाब में 13 के 13 लोकसभा उम्मीदवारों का ऐलान किया जा चुका है इसी राजनीतिक रंजिश के कारन मुख्यमंत्री पंजाब हमारे साथ राजनीतिक रंजीश निकाल रहे हैं और शिवसेना नेताओं को मरवाना चाहते हैं।
सिंगला ने बताया कि उनको केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा X कटेगोरी सिक्योरिटी प्राप्त है जिसके पंजाब पुलिस के 8 मुलाज़िम तैनात होते है लेकिन पिछले 3 महीने से उनके 3 गनमैन गैरहाजिर चल रहे हैं और उनकी जगह पर कोई बदल नहीं दिया गया और रोजाना ही लारा लगा दिया जाता है कि आज भेज रहे हैं आज भेज रहे हैं।
सिंगला ने डीजीपी पंजाब और मुख्यमंत्री पंजाब को शरेआम चुनौती देते हुए कहा कि वह अपनी सुरक्षा वापस ले सकते है क्योकि कागज़ों में सुरक्षा देने से नेता अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करता। सिंगला की सुरक्षा में 3 मुलाज़िम कम है और 5 ड्यूटी कर रहे मुलाज़िमों में से चार 50 साल से बड़ी उम्र के है जो गनमैन की ड्यूटी करने में असमर्थ है।
सिंगला ने भगवंत मान को ललकारते हुए कहा कि राजनीति को राजनीतिक तरीके से मुकाबला कीजिए, सुरक्षा कम करके राजनीतिक रंजिश मत निकालिए। सिंगला ने आखरी वार्निंग देते हुए कहा कि अगर मुझे, मेरे परिवार को जा मेरे किसी कार्यकर्ता/शिव सैनिक को हाथ भी लगा तो उसके लिए सीधे मुख्यमंत्री पंजाब और डी जी पी पंजाब जुमेवार होंगे और शिवसेना पिछले साल की तरह फिर से डीजीपी पंजाब और मुख्यमंत्री पंजाब के पुतले फूकने को मजबूर होगी।
इस मौके पर भरतदीप ठाकुर, महेंद्र सिंह तिवाड़ी आदि नेता हाजिर रहे।













