मणिपुर में मेइती और कुकी समुदाय के बीच मई की शुरुआत में भड़की जातीय हिंसा में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मणिपुर में शुक्रवार को शांति की अपील करते हुए कहा कि ‘हिंसा कोई समाधान नहीं’ है. उन्होंने राज्य के अपने दौरे के आखिरी दिन राज्यपाल अनुसुइया उइके, नागरिक समाज संस्थाओं के सदस्यों और राहत शिविरों में रह रहे हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात की. राहुल ने सरकार से राहत शिविरों में ‘मूलभूत सुविधाओं’ में सुधार करने अनुरोध किया. उन्होंने मणिपुर की घटनाओं को एक त्रासदी बताया, जो राज्य और देश के लिए ‘दर्दनाक’ है. उन्होंने राजभवन के बाहर पत्रकारों से कहा कि शांति के लिए जो भी जरूरी होगा, मैं उसके लिए तैयार हूं। मैं सभी लोगों से शांति कायम करने की अपील करता हूं क्योंकि हिंसा से कभी कोई हल नहीं निकल सकता।”
राहुल गांधी ने कहा, “शांति ही आगे बढ़ने का रास्ता है और हर किसी को अब शांति के बारे में बात करनी चाहिए और उसकी ओर बढ़ना शुरू करना चाहिए. इस राज्य में शांति का माहौल कायम करने के लिए मैं हर संभव मदद करूंगा. मैं मणिपुर के लोगों का दर्द साझा करता हूं. यह एक भयानक त्रासदी है. यह मणिपुर और देश के लोगों के लिए बेहद दुखद और दर्दनाक है.”













