छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की मंशानुसार जेल में बंद बंदियों के आध्यात्मिक उत्थान हेतु प्रति माह सत्संग का आयोजन सम्पन्न होता है । इसी कड़ी में आज सन्त श्री आशारामजी बापू की कृपा पात्र शिष्या साध्वी प्रतिमा बहन का सत्संग जिला जेल में सम्पन्न हुआ । साध्वी बहन ने बंदियों को बताया कि आप सब इस जगह को जेल ना समझे यह एक तपस्या स्थली है । अपना मन ईश्वर में लगायें । परिस्थिति हमेशा एक जैसी नहीं रहती । सुख- दु:ख सब जीवन का हिस्सा है । जब बहुत अधिक दु:ख आये तो भगवान श्रीराम और भगवान श्री कृष्ण का जीवन चित्रण का अध्ययन करना चाहिए। दैनिक दिनचर्या से समय निकालकर अच्छे सत्साहित्यों का पठन कर जीवन में उतारना चाहिए । आपके यहाँ बहुत अच्छी लायब्रेरी भी है। वहाँ बहुत सारे धर्म ग्रन्थ हमने भी रखे हैं । जीवन भर जेल में तो रहोगे नही इसलिए हमेशा नशे से दूर रहें , परहित के सेवा कार्य करें , अपना जीवन प्रेरणादायक बनायें । हमेशा कोई भी कर्म ईश्वर को साक्षी मानकर करें । जिला जेल में बंद लगभग 800 बंदी और सैकड़ों कर्मचारियों ने सत्संग का लाभ लिया । हरिनाम के कीर्तन पर सभी बंदियों ने जमकर नृत्य किया । पूरा जेल भक्तिमय हुआ ।सभी बंदियों ने भविष्य में अपराध नही करने का संकल्प लिया। देशभर में लगभग 1306 जेलें हैं , जिनमें 5 लाख से अधिक बंदी निवासरत हैं। उन सब के आध्यात्मिक उत्थान हेतु पुज्य बापूजी के आशिर्वाद से ऐसे आयोजन जगह-जगह सम्पन्न हो रहें हैं । इस दैवीय कार्य में समिति के अध्यक्ष मदनमोहन परसाई , खजरी आश्रम के संचालक जयराम भाई , गुरुकुल की संचालिका दर्शना खट्टर , युवा सेवा संघ के अध्यक्ष दीपक डोईफोड़े , लायन्स क्लब के पूरन लाल राजलानी ,सुजीत सूर्यवंशी ,अनन्य मोरे , महिला समिति से दीपा डोडानी , छाया सूर्यवंशी , मीणा गोधवानी आदि ने अपनी सेवाएं दी।समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई ने जिला जेल अधीक्षक यजुर्वेद वाघमारे ओर उप जेल अधीक्षक ज्ञानशू भारतीय का आभार व्यस्त किया ।













