छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- परम पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की श्री योग वेदांत सेवा समिति की बहनों ने प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी जिला जेल में निवासरत बंदी भाइयों को रक्षासूत्र बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया । लगभग 750 बंदी भाइयों को वैदिक रूप से मंत्रोच्चारण कर , तिलक लगाकर , आरती उतारकर ,भेंट देकर राखी बांधी । इस अवसर पर साध्वी रेखा बहन ने बताया कि हमारे शास्त्रों में वैदिक रूप से रक्षा बन्धन पर्व मनाने का विधान है । जिसमें धागे के साथ दूर्वा , अक्षत , केसर , चंदन और सरसों के दाने की पुड़िया साथ रहती है। इन पांचों वस्तुओं को एक रेशम के धागे में सिलाई कर उसे कलावा के साथ पिरो दें । इस प्रकार वैदिक राखी तैयार हो जाती हैं । शास्त्रों में इन पांच वस्तुओं का महत्व है । दूर्वा — जिस प्रकार दूर्वा का एक अंकुर बो देने पर तेजी से फैलता है और हजारों की संख्या में उग जाते हैं इसी प्रकार भाई का वंश और सद्गुणों का विकास हो , अक्षत — हमारे इष्ट के प्रति हमारी श्रद्धा कभी क्षत विक्षत ना हो , केसर — केसर की प्रकृति तेज होती है। अर्थात जिसे राखी बांध रहे हैं वो तेजस्वी हो , चंदन — चंदन की प्रकृति सुगंध देना है । उसी प्रकार उनके जीवन मे शीतलता बनी रहे , जीवन में परोपकार , सदाचार और संयम की सुगंध समाज मे फैलती रहे , सरसों — सरसों की प्रकृति तीक्ष्ण होती है। अर्थात समाज के दुर्गुणों को समाप्त करे । इस प्रकार के रक्षा सूत्र से भाई का आध्यात्मिक और समाज का विकास होता है। साध्वी बहन ने यह भी बताया कि रक्षाबंधन पर्व 30 अगस्त को है । जिले के लाखों लोग और देश के करोड़ों लोग वैदिक रक्षा बंधन के महत्व से अवगत हों , इस प्रकार की वैदिक राखी समिति की बहनें सैनिक भाइयों को भी हजारों की संख्या में पोस्ट कर रहीं हैं , जिससे उनकी सुरक्षा हो। इस वजह से थोड़ा पहले ही जेल में रक्षा बंधन पर्व मनाया गया । बंदी भाइयों के अलावा जेल स्टाफ़ को भी रक्षा सूत्र बांधा गया । यह दृश्य देख सभी बंदी भाइयों के आंसू निकल आये । इस दैवीय कार्य में साध्वी प्रतिमा बहन ,जिला पंचायत की सदस्य ललिता घोंघे , विमल शेरके , अनुपमा पवार , चेतना बहन , गुरूकुल की संचालिका दर्शना खट्टर , डॉ. मीरा पराडकर , छाया सूर्यवंशी , दीपा डोडानी , मीणा गोधवानी , रुपाली इंगले शकुंतला कराडे , आदि ने अपनी अपनी सेवाएं दीं। समिति की बहनो ने जिला जेल अधीक्षक यजुर्वेद वाघमारे ओर पूरे स्टाप को सहयोग के लिए साधुवाद दिया ।












