चण्डीगढ़: 4 जनवरी: भारतीय अनुसूचित जाति पिछड़ा एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हरियाणा अम्बेडकर संघर्ष समिति पंजीकृत के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी मनजीत सिंह दहिया लाखन माजरा ने कहा कि राष्ट्रमाता सावित्री बाई फूले जी समता मूलक समाज की अतुलनीय मागदर्शक थी। श्री दहिया आज नई दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित समाज में महिला, शिक्षा और नेतृत्व और संगोष्ठी एवं जमीन से जुड़ी महिलाओं को सावित्री बाई फूले राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। चौधरी मनजीत सिंह दहिया ने कहा कि सावित्री बाई फूले शिक्षक होने के साथ-साथ भारत के नारी मुक्ति आन्दोलन की प्रेरणता, समाज सुधारक और मराठी कवियत्री भी थी। उन्हें बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए समाज का कड़ा विरोध झेलना पड़ा था और कई बार तो ऐसा भी हुआ कि जब इन्हें समाज के ठेकेदारों से पत्थर खाने पड़े क्योंकि तब महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार नहीं था। उन्होंने बताया कि सावित्री बाई फूले जी ने लड़कियों व महिलाओं को शिक्षा का हक दिलवाया और उन्होंने बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना भी की थी और वे उसी विद्यालय की प्राचार्या भी रही। हरियाणा अम्बेडकर संघर्ष समिति महिला विंग की प्रदेश चेयरपर्सन एवं नैशनल एवं इन्टरनैशनल बुद्विस्ट सोसायटी की राष्ट्रीय संयोजिका मंजू गौतम ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रमाता सावित्री बाई फूले जी का मुख्य उद्देश्य विधवा विवाह करवाना, छूआछात मिटाना, महिलाओं को मुक्ति और अनुसूचित जाति, पिछड़े समाज की सभी महिलाओं को शिक्षित करना था।

कार्यक्रम की संयोजिका हेमलता कांसोटिया ने इस अवसर पर कहा कि राष्ट्रमाता सावित्री बाई फूले ने शिक्षा की वास्तविक देवी बनकर भारत में सभी महिलाओं के लिए शिक्षा के क्रान्ति की शुरूआत की। उन्होने कहा कि इसीलिए देशभर की महिलाओं को उनके द्वारा किए उत्कृष्ट कार्यो के आधार पर सावित्री बाई फूले अवार्ड प्रदान किये गये है। सूरतगढ़ क्षेत्र से पूनम फाऊडेशन ट्रस्ट की संस्थापिका और निःशुल्क शिक्षा अभियान संयोजक डॉ पूनम प्रजापति भारतीय को सावित्री बाई फूले विशेष सामाजिक सेवा सम्मान, अमरपुरा थेड़ी हनुमानगढ़ से उत्कृष्ट आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रानी विजेन्द्र जीनागल को सावित्री बाई फूले अवार्ड, चुरू के देवगढ़ तारानगर से राजीविका मिशन से जुड़ी सोनू प्रहलाद सिंह भाट को सावित्री बाई फूले अवार्ड दिया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता क्षेत्र में तनुश्री भोगल दिल्ली, पूनम फाऊडेशन की पावर वेट लिटिंग में मनीषा प्रजापत, धनुर श्री गंगा नगर की जूडो और कबड्डी खिलाड़ी निशा वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता सुशीला, राजीव कुमार प्रजापति विजय नगर, प्रख्यात समाज सेवी मनजीत सिंह दहिया लाखनमाजरा, श्रीमति मंजू गौतम पंचकूला, हिसार से सीमा एनिमल ऐड फाऊडेंशन ट्रस्ट की सदस्य , भिवानी से सामाजिक कार्यकर्ता और अध्यापिका रश्मि किराड़, पम्मी रानी, सामाजिक कार्यो के लिए विमला देवी व उत्कृष्ट और झुगियों में रहने वाली मनीषा कुमारी व पायल कुमारी, तीन एस.जी.एम सूरतगढ़ फार्म को सावित्री बाई फूले अवार्ड 2023 देकर सम्मानित किया गया।

पूनम फाऊडेशन ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष रामकरण पूनम प्रजापति ने बताया कि सभी की प्रोफाइल विशेष कार्यो के आधार पर स्वीकृत की गई थी। चौधरी मनजीत सिंह दहिया ने बताया कि राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम में भारतीय दलित साहित्य अकादमी राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष प्रो स्वामी आत्माराम उपाध्याय , हेमलता कांसोटिया संयोजक नैशनल कैंपियन डिग्निटी एण्ड राइट सीवेज एवं एलाइड वर्कस जयपुर एकल मंच, अनीत उज्जेनवाल अध्यक्ष भारतीय नागरिक मंच, अनिल गोस्वामी सचिव राजस्थान नागरिक मंच, पूनम फाऊडेशन ट्रस्ट श्योपुरा सूरतगढ़ के सामूहिक प्रयास से राष्ट्रमाता सावित्री बाई फूले अवार्ड कार्यक्रम का आयोजन हुआ है। कार्यक्रम का मंच सचालन डॉ मूलचन्द चुरू राजस्थान द्वारा किया गया।













