बीजेपी के विधायक के खिलाफ खबर लिखना मीडिया कर्मियों को प्रभारी
विधायक की शिकायत पर एमपी पुलिस ने थाने बुलाकर आधे दर्जन पत्रकारों के उतरवाए कपड़े
नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन मामले पर लिया संज्ञान, पीएम मोदी से करेंगे पुलिस की शिकायत
पटना : मध्य प्रदेश के सीधी जिले के भाजपा विधायक के शिकायत पर पुलिस द्वारा विधायक के विरुद्ध खबर लिखने वाले मीडिया कर्मियों को थाने बुलाकर कपड़े उतरवाए जाने की घटना को नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने संज्ञान लिया है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता रंजीत विद्यार्थी ने पत्रकारों के साथ घटित इस घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, डीजीपी सहित देश के प्रधानमंत्री पीएम मोदी से दोषी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को अविलंब निलंबित करने तथा पुलिस वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। जिससे कि मध्य प्रदेश में पुलिस की गुंडागर्दी से नंगी होती जा रही लोकतंत्र की रक्षा हो सके। श्री विद्यार्थी ने आगे कहा कि देश के कौन से कानून में यह अधिकार पुलिस वालों को प्राप्त है कि किसी को थाने बुलाकर अर्धनंगन करना? यह लोकतंत्र की हत्या के समान है। हिटलर शाही एवं गुंडागर्दी मध्य प्रदेश पुलिस की पहचान है। ऐसे पुलिस अधिकारियों पर वहां के मुख्यमंत्री तथा पीएम मोदी को संज्ञान लेने की जरूरत है। जिससे कि मध्यप्रदेश में लोकतंत्र को बचाया जा सके। बताते चलें कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले की पुलिस ने पत्रकारों को थाने में बुलाकर अर्धनग्न अवस्था में खड़ा कर दिया। इनमें से ज्यादातर यूट्यूब चैनल चलाते हैं। सबसे बाएं दाढ़ी वाले हैं कनिष्क तिवारी। कनिष्क बघेली में अपने यूट्यूब चैनल पर खबरें चलाते हैं। उनके चैनल के सवा लाख सब्सक्राइबर हैं। बताया गया है कि इन पत्रकारों ने भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला के खिलाफ ख़बरें चलाई थीं। जिससे शुक्ला नाराज़ थे। उनके कहने पर सीधी पुलिस ने कनिष्क और उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि ये लोग फर्जी आईडी से भाजपा सरकार और विधायकों के खिलाफ लिखते और ख़बरें दिखाते हैं।फ़िलहाल इस तस्वीर से मीडिया जगत में हड़कंप मचा हुआ है। कनिष्क तिवारी के बारे में बताया जा रहा है कि वे राष्ट्रीय स्तर के एक चैनल के भी रिपोर्टर है। नेशनल जर्नलिस्टस एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता रंजीत विद्यार्थी ने कहा कि अर्धनग्न अवस्था में जिस प्रकार से मध्य प्रदेश केे मीडिया कर्मियों की तस्वीर वायरल हो रही है, यह चिंतनीय विषय है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रीरी और डीजीपी को अविलंब इस मामलेे में दोषी पुलिस अधिकारियों पर अपराधिक मामला दर्ज कर गिरफ्तार करना चाहिए। एसोसिएशन इस मामले में चुप नहीं बैठेगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं डीजीपी तथा पीएम मोदी अगर इस मामले में कोई करवाई नहीं करते हैं तो मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दोषी पुलिस अफसरों के विरुद्ध अपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा। एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता रंजीत विद्यार्थी ने इस मुद्दे पर देश के तमाम राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों, शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं, आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए मध्य प्रदेश पुलिस पर अपराधिक मामला दर्ज करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से शासन प्रशासन पर दबाव बनाने की अपील की है। जिससे कि मध्यप्रदेश में लोकतंत्र को बचाया जा सके।













