छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- के नेतृत्व में बहुत से धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूज्य माताजी हीरा बेन की स्मृति में 14 फरवरी मातृ – पितृ पूजन दिवस राष्ट्रीय पर्व घोषित किये जाने की माँग की। ज्ञापन में बताया कि हमारी सनातन संस्कृति सबसे प्राचीनतम संस्कृति है ; जो हमेशा समस्त मानव कल्याणार्थ प्रेरणा देती है । हमारी संस्कृति में मातृदेव भवः पितृ देव भवः एवं आचार्य देव भवः की महत्ता है। माता – पिता तथा आचार्य को देवतुल्य समझा और माना जाता है। बच्चों में , विद्यार्थियों में अपने – अपने माता – पिता के प्रति पूज्य भाव प्रगट हो, इस निमित्त प्रतिवर्ष 14 फरवरी को देशभर में मातृ – पितृ पूजन दिवस मनाया जाता है। इस संबंध में महामहिम राष्ट्रपति एवं आदरणीय प्रधानमंत्री भी आदेशित कर चूके हैं । इस कार्यक्रम में बहुत सारी राज्य सरकारें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं । सर्वप्रथम भगवान श्री गणेश जी ने उनके माता – पिता भगवान शिवजी एवं माता पार्वती जी का विधिवत पूजन कर देवताओं में सर्वप्रथम पूजे जाने का आर्शिवाद ग्रहण कर लिया है। यह पर्व विश्व के 167 देशों में मनाया जाने लगा हैं । आप भी समय – समय पर आपकी पूज्य माता हीराबा की चरण वंदना किया करते रहें हैं। उन्हीं के आर्शीवाद और सन्तों की कृपा से आप आज देश ही नहीं पूरे विश्व के नेता बन गये हैं । पूज्य माता हीरा बेन की स्मृति में 14 फरवरी मातृ – पितृ पूजन दिवस घोषित कर पूरे विश्व को एक संदेश देने की कृपा करें । ज्ञापन देते समय साध्वी रेखा बहन साध्वी प्रतिमा बहन , समिति के अध्यक्ष मदनमोहन परसाई , आधुनिक चिंतक हरशुल रघुवंशी , शिक्षाविद विशाल चवुत्रे , राष्ट्रीय बजरंग दल के नितेश साहू , कुनबी समाज के युवा नेता अंकित ठाकरे , पवार समाज के प्रमुख हेमराज पटले , साहू समाज के ओमप्रकाश साहू , आई. टी. सेल के प्रभारी भूपेश पहाड़े, युवा सेवा संघ के नितिन डोईफोड़े , ओमप्रकाश डहेरिया , अश्विन पटेल , कलार समाज के सुजीत सूर्यवंशी ,सुभाष इग्ले , विलास घोंघे ,धनाराम सनोडिया , M. R. पराडकर , नारी रक्षा मंच से दर्शना खट्टर , छाया सूर्यवंशी , सुमन डोईफोड़े , डॉ. मीरा पराडकर , विमल शेरके , वनीता सनोडिया , कृष्णा राठौड़ , शकुंतला कराडे , आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।












