मान सरकार ने 3 टेक्सटाइल-विशिष्ट नीतियां अधिसूचित कीं, अपैरल और टेक्निकल टेक्सटाइल को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन की पेशकश: अमन अरोड़ा ने निवेशकों को आकर्षित किया
पंजाब भारत की टेक्सटाइल कहानी का अगला अध्याय लिख रहा है: अमन अरोड़ा
उद्योग मंत्री ने कहा, 2022 से अब तक 75,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए
चंडीगढ़/नई दिल्ली, 14 जुलाई:( प्रेस की ताकत)
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय ‘भारत टेक्स 2026’ में पंजाब को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में पेश करते हुए, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि 2022 में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यभार संभालने के बाद से राज्य को 75,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
मीडिया को संबोधित करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा, “पंजाब केवल भारत की टेक्सटाइल विकास कहानी में भाग नहीं ले रहा है, बल्कि हम इसका अगला अध्याय लिख रहे हैं। पिछले चार वर्षों में 75,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों के साथ, उद्योग जगत ने हमारी नीतियों में भरोसा जताया है। हम पारंपरिक ताकतों से तकनीकी नेतृत्व की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे पंजाब एक भविष्य के लिए तैयार और वैश्विक स्तर पर एकीकृत टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित हो रहा है।”
उद्योग मंत्री ने कहा कि पंजाब लंबे समय से भारत के टेक्सटाइल उद्योग का एक मुख्य आधार रहा है, जो देश के ऊनी कलाई-वस्त्र (knitwear) उत्पादन का लगभग 95 प्रतिशत और होजरी उत्पादन का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। राज्य मिश्रित सूत (blended yarn) उत्पादन में भी पहले स्थान पर है, जिसकी भारत की कुल कताई (spinning) क्षमता में 5.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है। टेक्सटाइल और अपैरल क्षेत्र राज्य के विनिर्माण सकल मूल्य वर्धित (GVA) में लगभग 14 प्रतिशत का योगदान देता है। 1.46 लाख से अधिक इकाइयों के साथ, यह क्षेत्र 10 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार प्रदान करता है।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में अच्छी तरह से स्थापित औद्योगिक क्लस्टर हैं, जिनमें लुधियाना (जिसे व्यापक रूप से “भारत का मैनचेस्टर” माना जाता है), जालंधर (खेल के सामान के लिए प्रसिद्ध), अमृतसर (ऊनी कपड़ों का मजबूत आधार) और एसएएस नगर (एक आधुनिक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है) शामिल हैं। ये क्लस्टर कुशल श्रम, सप्लायर नेटवर्क और निर्यात-उन्मुख उद्यमों का एक मजबूत इकोसिस्टम प्रदान करते हैं।
टेक्सटाइल निवेशकों को पंजाब में निवेश करने का हार्दिक निमंत्रण देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक प्रतिस्पर्धी नीति ढांचा तैयार किया है। राज्य ने अपैरल और टेक्निकल टेक्सटाइल, स्पिनिंग और वीविंग, तथा डाइंग और फिनिशिंग के लिए तीन समर्पित नीतियां अधिसूचित की हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि निवेशकों की सहायता के लिए, राज्य सरकार आकर्षक प्रोत्साहन दे रही है, जिसमें अधिकतम 10 करोड़ रुपये की सीमा के साथ फिक्स्ड कैपिटल निवेश का 20 प्रतिशत तक का पूंजीगत अनुदान (capital subsidy), भुगतान किए गए शुद्ध एसजीएसटी (SGST) का 75 प्रतिशत तक का रिफंड, और अधिकतम 500 करोड़ रुपये की सीमा के साथ फिक्स्ड कैपिटल निवेश का 125 प्रतिशत तक का कुल प्रोत्साहन शामिल है।
कारोबार को आसान बनाने (Ease of Doing Business) के लिए, पंजाब ने ‘राइट टू बिजनेस एक्ट’ (Right to Business Act) लागू किया है। इसके तहत, स्वीकृतियां स्व-घोषणा (self-declaration) पर आधारित होती हैं और 5 से 45 कार्य दिवसों के भीतर दी जाती हैं। यदि कोई देरी होती है, तो स्वीकृतियां स्वचालित रूप से मंजूर (deemed granted) मान ली जाती हैं।
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