पंजाब के वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां पंजाब रोडवेज पनबस/पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब 25/11 के प्रतिनिधियों के साथ उनकी समस्याओं और प्रमुख मांगों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक के दौरान परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने परिवहन विभाग को यूनियन की जायज मांगों पर तुरंत और परिणामोन्मुखी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए। इसके बाद विभाग ने समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तत्काल आधिकारिक आदेश जारी कर दिए।
परिवहन मंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए पंजाब स्टेट बस स्टैंड मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (पनबस) ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में 29 अक्टूबर, 2026 को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक निर्धारित की है।
इस प्रस्तावित बैठक के एजेंडे में पी.आर.टी.सी. की तर्ज पर पनबस के ठेका कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नियमों को अंतिम रूप देना, ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) एक्ट, 2026’ के तहत पनबस के आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध पर लाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा करना तथा पिछले संघर्षों के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामलों को रद्द करने का मुद्दा शामिल है।
इन कदमों के तहत पनबस प्रबंधन ने राज्यभर के सभी डिपो प्रबंधकों को अनुबंध पर आने के पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
आदेशों में कहा गया है, “कार्मिक विभाग द्वारा अधिनियम के तहत जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, डिपो को 30 मई, 2026 की कट-ऑफ तिथि के आधार पर पांच वर्ष तक की सेवा वाले कर्मचारियों के रिकॉर्ड का सत्यापन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही, मंत्रीस्तरीय समीक्षा बैठक से पहले 26 अक्टूबर, 2026 तक पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। फील्ड अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि इस मामले में कड़ी जवाबदेही तय की जाएगी। सेवा रिकॉर्ड की जांच में किसी भी प्रकार की देरी, लापरवाही या गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार डिपो अधिकारियों के खिलाफ सीधे विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
बैठक के दौरान पंजाब रोडवेज पनबस/पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब 25/11 की ओर से रेशम सिंह गिल, शमशेर सिंह, हरकेश कुमार, बलविंदर सिंह राठ, जतिंदर सिंह और प्रदीप कुमार ने अपने मुद्दे और मांगें रखीं।








