हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर में आयोजित SING फोरम के फायरसाइड चैट कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए राज्य में निवेश के अवसरों, नीतिगत सुधारों और निवेशक-अनुकूल माहौल के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले समय में कोई कंपनी हरियाणा में निवेश करती है तो वे इस यात्रा को सफल मानेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंगापुर आने से पहले ही लगभग 20-30 प्रमुख कंपनियों की पहचान की गई थी। अधिकारियों द्वारा कई निवेशकों के साथ ई-बैठकें भी की गईं। इस यात्रा के दौरान कई कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव दिए और अपनी ‘इन्वेस्टमेंट इंटेंट्स’ (निवेश की मंशा) जमा कराईं। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई निवेश प्रस्ताव आता है, हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन सेंटर उसे तेजी से आगे बढ़ाता है। सिंगापुर से आने वाले निवेश प्रस्तावों को विशेष रूप से गति देने के लिए एक समर्पित ‘मर्लिन डेस्क’ भी स्थापित किया गया है।
श्री सैनी ने कहा कि हरियाणा में 270 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और मजबूत ऑटोमोटिव इकोसिस्टम मौजूद है, जो कोई चुनौती नहीं बल्कि एक अवसर है। गुरुग्राम और एनसीआर से बाहर भी कई ऐसे स्थान हैं जहां निवेशकों के लिए जमीन, औद्योगिक ढांचा और विस्तार के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मध्यम आकार की कंपनियों को केवल पहले से मौजूद सिस्टम में जगह बनाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि वे यहां अपना नया इकोसिस्टम और मजबूत कारोबारी आधार भी विकसित कर सकती हैं।
निवेश प्रोत्साहनों के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि जून महीने में 10 नई नीतियां शुरू की गई हैं और प्रोत्साहन देने की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत किया गया है ताकि निवेशकों को कम से कम प्रयास करने पड़ें। इंसेंटिव फ्रेमवर्क के तहत योग्य प्रोत्साहन की 50 प्रतिशत राशि पहले सात कार्य दिवसों में और शेष राशि 45 दिनों के भीतर देने का प्रावधान किया गया है।
पानी की चुनौती के बारे में उन्होंने कहा कि अधिक पानी की आवश्यकता वाली औद्योगिक इकाइयों और कुछ विशेष स्थानों के लिए प्रोजेक्ट की आवश्यकता का पहले ही मूल्यांकन किया जाता है। ट्रीटेड और रीसायकल किए गए पानी के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जमीन से संबंधित मामलों में एक महत्वपूर्ण और अनूठा ‘इन्वेस्टमेंट इंजन’ तैयार किया गया है। कोई भी निवेशक जब हरियाणा के किसी खास लैंड पार्सल (भूमि खंड) पर कर्सर रखता है, तो उसे उस स्थान से संबंधित निवेश की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर मिल जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के पास सही लोकेशन, मजबूत इकोसिस्टम और अवसरों को बड़े पैमाने पर ले जाने का यह सही समय है। उन्होंने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि यदि वे भारत में अपने विकास का अगला अध्याय लिखना चाहते हैं, तो हरियाणा उनका मजबूत और भरोसेमंद भागीदार बन सकता है।










