* ईमानदारी से काम करते हुए हमने 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली और 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध करवाया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
* हमने 88 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि तक नहरी पानी सुनिश्चित किया और माताओं-बहनों को वित्तीय सहायता दी है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
* कांग्रेस और अकाली दल ने परिवारवाद के एजेंडे पर चलकर पंजाब को लूटा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
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* खंडहर बन चुके सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करके हमने पंजाब को देश में नंबर एक बनाया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
* अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा से बचें, जो पंजाब को फिर से बर्बाद करने के लिए एकजुट हो गए हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
* मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फतेहगढ़ चूड़ियां विधानसभा क्षेत्र में ‘लोक मिलनी’ के दौरान लोगों से सीधा संवाद किया
फतेहगढ़ चूड़ियां, 3 अक्टूबर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब अब “काम की राजनीति” और परिवार-केंद्रित राजनीति के बीच स्पष्ट अंतर देख रहा है। फतेहगढ़ चूड़ियां के घणिए के बांगर में आयोजित बड़ी ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री ने 90 प्रतिशत परिवारों के लिए मुफ्त बिजली, 10 लाख रुपये तक के इलाज, 88 प्रतिशत कृषि भूमि के लिए नहरी पानी और माताओं-बहनों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का ध्यान शासन के लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने पर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महज साढ़े चार वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस और अकाली शासन के 22 वर्षों से अधिक काम करके दिखाया है, जबकि सरकारी स्कूलों के कायाकल्प ने पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया है। सभा के दौरान जनमत सर्वेक्षण में मिले व्यापक समर्थन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 2027 से पहले लोगों का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है।
एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज फतेहगढ़ चूड़ियां विधानसभा क्षेत्र के गांव घणिए के बांगर में विशाल जनसभा के लिए एकत्रित हुए माझा क्षेत्र के लोगों द्वारा दिखाया गया प्यार और उत्साह वास्तव में लाजवाब था। पारंपरिक पार्टियों ने ‘मैं और मेरा परिवार’ के नाम पर पंजाब को लूटा, लेकिन हमने ईमानदारी से काम किया है, 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली, 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, किसानों के खेतों तक नहरी पानी और माताओं-बहनों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता दी है। इन नीतियों के कारण ही आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में नंबर एक राज्य बनकर उभरा है।”
पोस्ट के अंत में लिखा गया, “रैली के दौरान करवाए गए जनमत सर्वेक्षण में लोगों द्वारा हाथ खड़े करके दिए गए जबरदस्त समर्थन ने साबित कर दिया कि उनका विश्वास हमारे साथ बरकरार है। इसने यह भी दिखा दिया है कि 2027 में पंजाब के लोग एक बार फिर विकास का रास्ता चुनेंगे। इंकलाब जिंदाबाद।”
फतेहगढ़ चूड़ियां विधानसभा क्षेत्र में ‘लोक मिलनी’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार का ध्यान परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने, सरकारी संस्थानों को मजबूत करने और आवश्यक सेवाओं में सुधार लाने पर है। उन्होंने कहा, “शासन का अर्थ तभी है, जब इसके लाभ आम आदमी के दरवाजे तक पहुंचें। हमारी सरकार परिवारों पर वित्तीय बोझ कम करने और आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत परिवार मुफ्त बिजली का लाभ ले रहे हैं, जबकि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी पहल भी शुरू की हैं, जिनके तहत परिवारों को 10 लाख रुपये तक का इलाज कवर मिल सकता है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी संसाधन आम परिवारों के लिए प्रत्यक्ष राहत में बदलें। उन्होंने कहा, “हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है, सरकारी पैसा जनता के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। चाहे वह बिजली हो, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा या सिंचाई, लाभ आम लोगों तक पहुंचने चाहिए।”
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने नहरी सिंचाई के विस्तार पर भी ध्यान दिया है और अब 88 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सिंचाई ढांचे को मजबूत करना किसानों की भूजल पर निर्भरता कम करने और पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा, “नहरी सिंचाई का विस्तार न केवल कृषि के लिए, बल्कि पंजाब के भूजल के संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमें राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए इसकी कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करना होगा।”
महिलाओं के लिए सरकार की पहलों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों के लिए वित्तीय सहायता इसके जनकल्याणकारी दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि महिलाओं को अधिक आर्थिक सहायता मिले।
पिछली सरकारों पर राजनीतिक निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल की सरकारें पारिवारिक और निजी हितों की राजनीति में ही फंसी रहीं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को उन मुद्दों पर विभिन्न सरकारों द्वारा किए गए कार्यों की तुलना करने का पूरा अधिकार है, जो उनके दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा, “पंजाब को ऐसी राजनीति की जरूरत है, जो स्कूलों, अस्पतालों, बिजली, सिंचाई, रोजगार, बुनियादी ढांचे और हमारे युवाओं के भविष्य की बात करे। किसी भी सरकार की असली परीक्षा यह होती है कि वह लोगों को क्या समर्पित करती है।”
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि उनकी सरकार ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में व्यापक विकास कार्य किए हैं और इसकी तुलना 22 वर्षों से की, जिन दौरान कांग्रेस और अकाली सरकारों ने पंजाब पर शासन किया था। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बिजली, सिंचाई, रोजगार और बुनियादी ढांचे को उन प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया, जहां उनकी सरकार ने काम पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा उनकी सरकार के एजेंडे के प्रमुख स्तंभों में से एक है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल, जो वर्षों की उपेक्षा का शिकार रहे थे, बेहतर बुनियादी ढांचे, आधुनिक सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देकर बदले जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “सरकारी स्कूल केवल इमारतें नहीं हैं; ये पंजाब के बच्चों का भविष्य हैं। हम इन संस्थानों का कायाकल्प कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को ऐसा माहौल मिले, जहां वे बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकें।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा सुधारों ने पंजाब को राष्ट्रीय शिक्षा मूल्यांकनों में अग्रणी स्थान हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों का स्वरूप बदलने के लिए किए गए इन सुधारों ने साबित कर दिया है कि जब सरकारी संस्थानों पर लगातार ध्यान दिया जाए और उन्हें उचित संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बिजली, स्वास्थ्य सेवा और सिंचाई के प्रति सरकार के दृष्टिकोण का घरेलू खर्चों, कृषि उत्पादकता और पंजाब की समग्र आर्थिक खुशहाली पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि किफायती दरों पर स्वास्थ्य सेवा, विश्वसनीय सार्वजनिक सेवाएं और बेहतर बुनियादी ढांचा सरकार के सेवा-कल्याण मॉडल के केंद्र में हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “पंजाब में अपार क्षमता है। राज्य को विकास और जनकल्याण पर केंद्रित ऐसे शासन मॉडल की जरूरत है, जिसके सकारात्मक परिणाम लोगों के जीवन में प्रत्यक्ष दिखाई दें।”
पंजाब की राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अतीत में राज्य पर शासन करने वाली पार्टियां अब आपसी मतभेदों के बावजूद एकजुट होने का प्रयास कर रही हैं। कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ये पार्टियां अलग-अलग समय में शासन करने के बाद अब पंजाब में राजनीतिक आधार तलाशने के लिए प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा कि लोग विभिन्न सरकारों के कार्यकाल की समीक्षा करके दैनिक जीवन से जुड़े मुद्दों पर उनके प्रदर्शन की तुलना करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोग हर सरकार के कामकाज को परखने में पूरी तरह सक्षम हैं, जो किए गए कार्यों और अपने परिवारों से जुड़े मुद्दों के आधार पर फैसला करेंगे।”
लोक मिलनी के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया और स्थानीय विकास तथा सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि जमीनी वास्तविकताओं को समझने और प्रशासनिक कार्रवाई के माध्यम से स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए लोगों के साथ सीधा संवाद एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने निवासियों को भरोसा दिया कि लोक मिलनी के दौरान उठाई गई समस्याओं की संबंधित विभागों द्वारा जांच-पड़ताल करके सरकारी नीति और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब पिछले कई दशकों से बेरोजगारी, नशाखोरी, भूजल स्तर में गिरावट, खराब बुनियादी ढांचे और सरकारी संस्थानों की कमजोरियों जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए अस्थायी राजनीतिक घोषणाओं के बजाय निरंतर नीतिगत प्रयासों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा, “पंजाब का विकास केवल घोषणाओं से संभव नहीं हो सकता। इसके लिए निरंतर काम, मजबूत सार्वजनिक संस्थानों और जनकल्याण पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है।”
उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार आम नागरिकों को हमेशा अपने शासन एजेंडे के केंद्र में रखकर चलेगी और सार्वजनिक संस्थानों की कार्यक्षमता को लगातार बेहतर बनाते हुए प्रशासनिक सफलता की नई मिसाल कायम करेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोक मिलनी ने फतेहगढ़ चूड़ियां के निवासियों को सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपने स्थानीय मुद्दे उठाने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास के लिए सामूहिक प्रयासों और जनकल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, बुनियादी ढांचे तथा रोजगार पर लगातार ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।










