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चंडीगढ़, 17 अक्तूबर (ट्रिन्यू)
प्रदेश की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में बेरोजगारी दर में बड़ी गिरावट दर्ज की है। मानसून सत्र के दौरान संसद में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने खुलासा किया था कि हरियाणा में बेरोजगारी दर 9 प्रतिशत के करीब है। अब ताजा आंकड़ों के हिसाब से यह दर घटकर 6.5 प्रतिशत रह गई है। केंद्र के आंकड़ों के आधार पर दीपेंद्र ने राज्य की मनोहर सरकार को घेरा भी था। वहीं सीएमआईई की रिपोर्ट के हिसाब से यह दर 30 प्रतिशत के करीब है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कई बार सीएमआईई की रिपोर्ट को नकार चुके हैं। बेरोजगारी का नया आंकड़ा अप्रैल से जून-2023 के बीच का है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय ने श्रमबल सर्वेक्षण में यह खुलासा किया है। सरकार का दावा है कि प्रदेश सरकार की नीतियों के परिणामस्वरूप हरियाणा विकास पथ पर तेजी से अग्रसर है। प्रदेश में औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। प्रवक्ता का दावा है कि मौजूदा सरकार ने प्रदेश में बेरोजगारी हटाने के ठोस प्रयास किए हैं। युवाओं को न केवल सरकारी नौकरियां दी गई हैं बल्कि निजी क्षेत्र में रोजगार के लिए युवाओं का कौशल विकास भी किया है।









