बीजिंग. चीन में दो बार राष्ट्रपति बनने की सीमा जल्द ही खत्म हो सकती है। रविवार को देश की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने इस सिलसिले में एक प्रस्ताव पेश किया है। इसमें संविधान के उस नियम को बदलने के लिए कहा गया है जिसके मुताबिक कोई भी शख्स अधिकतम सिर्फ दो बार ही प्रेसिडेंट रह सकता है। पिछले साल कम्युनिस्ट पार्टी ने नेशनल कांग्रेस की बैठक में शी जिनपिंग को दूसरी बार राष्ट्रपति चुना गया था। अगर चीन के संविधान में बदलाव किया जाता है तो जिनपिंग पहले राष्ट्रपति होंगे जिन्हें 2 बार से ज्यादा राष्ट्रपति बनने का मौका मिलेगा। चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, इसको लेकर पार्टी की सेंट्रल कमेटी ने संसद में प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव के तहत उपराष्ट्रपति भी दो कार्यकाल से ज्यादा समय तक पद पर रह सकते हैं। शिन्हुआ ने लिखा, “कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी ने संविधान से उस नियम को हटाने का प्रस्ताव रखा है जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति लगातार दो बार से ज्यादा पद पर नहीं रह सकते। शिन्हुआ की एक और रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल कमेटी ने ‘समाजवाद और चीन के नए युग की विशेषता’ पर दिए गए जिनपिंग के विचारों को संविधान में शामिल करने का प्रस्ताव भी संसद में रखा गया है। चीन के संविधान को बदलने के लिए संसद की सहमति जरूरी होगी। माना जा रहा है कि इन प्रस्तावों में बिल्कुल भी रुकावट नहीं आएगी, क्योंकि संसद के सभी मेंबर्स पार्टी के वफादार हैं।













