यूनाइटेड नेशंस – सीरिया में इस वक्त हालात बेहद चिंताजनक हैं। विद्रोहियों के खिलाफ हमलों में बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिक मारे जा रहे हैं और जख्मी हो रहे हैं। इस बीच, स्वीडन और कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करने के लिए वोट देने का आह्वान किया है, जिसमें लाखों की संख्या में जरूरतमंद लोगों को मानवीय सहायता मुहैया कराने और गंभीर रूप से बीमार व जख्मी लोगों को वहां से ले जाने के लिए पूरे सीरिया में 30 दिनों के लिए संघर्षविराम का निर्देश है। प्रस्ताव में ईस्टर्न घोउटा समेत सीरिया के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर हिंसा और आम नागरिकों पर हमले को लेकर नाराजगी जताई गई है। रूस इस प्रस्ताव के खिलाफ है। रूस के यूएन एंबेसडर ने 30 दिनों के संघर्षविराम को अवास्तविक बताया है और इसे लागू नहीं किया जा सकता है। इसकी बजाय रूस के यूएन एंबेसडर ने सभी पक्षों से आपस में संघर्षविराम पर सहमती बनाने को कहा, जिसे आयोजकों द्वारा खारिज कर दिया गया। अब देखना हैं कि रूस इसके लिए वीटो का इस्तेमाल करता है या वोटिंग में हिस्सा नहीं लेता है।













