इस्लामाबाद – राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने पिछले शुक्रवार को गुपचुप तरीके से आतंक रोधी कानून 1997 में संशोधन के लिए एक अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर दिया है। इस हस्ताक्षर के बाद जमात उद दावा आतंकी संगठन करार दे दिया गया। बता दें कि इस अध्यादेश के बारे में सोमवार को सार्वजनिक घोषणा की गयी। हालांकि अगर यह अध्यादेश कानून का रूप नहीं लेता है तो समय सीमा खत्म होने के बाद जमात-उद-दावा पर से प्रतिबंध अपने आप हट जाएगा। इस अध्यादेश के तहत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों और संगठनों को प्रतिबंधित कर दिया गया। इस सूची में जमात-उद-दावा (जेयूडी) व तालिबान जैसे कई संगठन शामिल है। इससे पहले पाकिस्तान ने साल 2005 में यूएनएससी प्रस्ताव 1267 के तहत लश्कर-ए-तैयबा को एक प्रतिबंधित संगठन घोषित किया था। भारत भी हमेशा यह कहता रहा है कि जमात-उद-दावा प्रमुख सईद 2008 नंवबर में हुए मुंबई हमले का मास्टर माइंड है। इसके लिए अमेरिका ने भारत का समर्थन करते हुए सईद के ऊपर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा है।













