दीनानगर : रविवार को अध्यापकों ने मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी के शहर दीनानगर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। दीनानगर दशहरा ग्राउंड से अध्यापकों का प्रदर्शन शुरू हुआ जोकि शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर तक निकाला गया। शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर रोकने पर अध्यापकों ने धरना दिया। धरने के दौरान प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के आवास पर न चले जाएं इसके लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कड़ा प्रबंध कर रखा था। हालांकि धरना महज पांच घंटे के भीतर ही आश्वासन लेकर खत्म हो गया। धरने में प्रदेशभर से करीब 200 शिक्षक शामिल हुए। मांगों संबंधी तहसीलदार महेंद्रपाल ¨सह को मांग पत्र सौंपते हुए वक्ताओं ने कहा कि अगर 18 फरवरी तक उनकी शिक्षा मंत्री के साथ बैठक न करवाई गई तो वह प्रदेश भर में प्रर्दशन करेंगे। प्रदर्शनकारियों की बात मानते हुए तहसीलदार ने कहा कि दस दिन के अंदर उनकी शिक्षा मंत्री के साथ बैठक करवा दी जाएगी। इसके बाद प्रर्दशनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। सांझा अध्यापक मोर्चा के प्रदेश कन्वीनर भू¨पदर ¨सह वड़ैच, सुख¨जदर ¨सह चाहल, बलकार ¨सह बल्टोहा, कुलवंत ¨सह गिल आदि ने शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी व शिक्षा सचिव पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग व सोसायटी में कच्चे और ठेके पर काम करने वाले अध्यापकों को पूरा वेतन स्केल दिया जाए। मिडिल स्कूलों में अध्यापकों की पोस्टों को जबरन तरीके से खत्म न किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद कर रही है, जो गलत है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को सेल्फ परीक्षा केंद्रों की जगह अन्य सेंटरों में शिफ्ट करके उन्हें परेशान कर रही है, जबकि पंजाब सरकार अभी तक विद्यार्थियों को सरकारी वर्दियां भी नहीं दे पाई है













