अम्बाला शहर – अढ़ाई वर्ष पूर्व अक्टूबर, 2019 में अम्बाला शहर विधानसभा हलके से लगातार दूसरी बार विधायक का चुनाव जीते असीम गोयल का आधिकारिक नाम हरियाणा विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन्स और आधिकारिक दस्तावेजों आदि में केवल असीम गोयल के स्थान पर असीम गोयल नन्यौला किये जाने सम्बन्धी आग्रह शहर निवासी हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार द्वारा विधानसभा के स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता को बीते दिन भेजे एक पत्र में किया गया है.
हेमंत ने बताया कि असीम गोयल जब अम्बाला शहर हलके से अक्टूबर, 2014 विधानसभा चुनावों में 37.30 % वोट हासिल कर पहली बार भाजपा विधायक निर्वाचित हुए थे, तो उनका निर्वाचन भारतीय चुनाव आयोग द्वारा हालांकि असीम गोयल के नाम से ही नोटिफाई किया गया था. हालांकि जब अक्टूबर, 2019 विधानसभा चुनावों में 42.2 % वोट लेकर वह दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए, तब 25 अक्टूबर 2019 को भारतीय चुनाव आयोग द्वारा लोक प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 73 के अंतर्गत जब हरियाणा राज्य के सभी 90 विधानसभा हलकों से नव निर्वाचित विधायकों की सूची सरकारी गजट में प्रकाशित की गयी, तो उसमें 05-अम्बाला शहर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक का नाम असीम गोयल नन्यौला एवं उनके राजनीतिक दल के रूप में भाजपा का उल्लेख किया गया.
हालांकि जब असीम गोयल ने 3 अक्टूबर 2019 को उनका चुनावी नामांकन दाखिल किया था जिसके साथ उनका एफिडेविट (हलफनामा) भी संलग्न था, में उनका नाम असीम गोयल ही उल्लेखित था. इससे यह स्पष्ट होता है कि नामांकन भरने के बाद एवं अम्बाला शहर से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की फाइनल सूची अम्बाला शहर विधानसभा हलके की तत्कालीन रिटर्निंग अधिकारी (आर.ओ.) गौरी मिड्ढा, एचसीएस, जो तब शहर की एसडीएम तैनात थीं, द्वारा उक्त सूची जारी करने से पहले असीम द्वारा उन्हें एक अर्जी देकर यह प्रार्थना की गयी कि उनका नाम उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट में असीम गोयल नन्यौला कर दिया जाए जिसे स्वीकार कर लिया गया. 21 अक्टूबर 2019 को जब मतदान हुआ, तब हर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर भाजपा प्रत्याशी के रूप में असीम गोयल नन्यौला ही दर्शाया गया था.
इस बारे में हेमंत का कहना है कि मौजूदा चुनावी नियमो अर्थात निर्वाचन संचालन नियम, 1961 की नियम संख्या 8 (2) के अंतर्गत सम्बंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा ऐसा आम तौर पर तब किया जाता है जब नामांकन फॉर्म भर चुके किसी उम्मीदवार को को यह महसूस हो और वह लिखकर प्रार्थना करे कि नामांकन फॉर्म में उसके नाम के गलत अक्षर दर्ज हो गए हैं या उन्हें सही तरीके से नहीं लिखा गया है अथवा वह उस नाम से भिन्न है जिस नाम से वह व्यक्ति आम जनता (मतदाताओं) में जाना जाता हैं. हालांकि कुछ उम्मीदवार अपने नाम के साथ अपने पैतृक गाँव का नाम भी जोड़ने संबंधी प्रार्थना कर सकते हैं. लिखने योग्य है कि हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं शहर से निर्दलीय प्रत्याशी निर्मल सिंह का नाम के बाद भी उनके गाँव का नाम मोहड़ा जोड़ा गया था संभवतः क्योंकि पिछली बार अम्बाला शहर विधानसभा हलके से चुनाव लड़ रहे एक अन्य उम्मीदवार का नाम भी निर्मल सिंह था. बहरहाल, हेमंत ने बताया कि चूँकि नवंबर, 2019 से हरियाणा विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन्स , जिन्हे हरियाणा सरकार के गजट में प्रकाशित भी किया जाता हैं, में अम्बाला शहर विधायक का नाम असीम गोयल ही उल्लेखित होता आया है एवं उसमें नन्यौला शब्द नदारद होता है, इसलिए उन्होंने विधानसभा स्पीकर को लिखे पत्र में विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी हर गजट नोटिफिकेशन एवं आधिकारिक दस्तावेज में शहर विधायक का नाम असीम गोयल के स्थान पर असीम गोयल नन्यौला करने सम्बन्धी आग्रह किया है क्योंकि विधायक का आधिकारिक नाम वही होता है जिस नाम से उसकी निर्वाचन नोटिफिकेशन भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की जाती है।