छोटे व्यपारी अर्थव्यवस्था की रीढ़, सरकार दे प्रोत्साहन।
अम्बाला छावनी के रेहड़ी-फड़ी वालो की समस्याएं सुनने इनैलो प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह सोम बाज़ार,गांधी ग्राउंड पहुंचे। उन्होंने रेहड़ी फड़ी वालो से बातचीत करके उनकी समस्याएं सुनी और उनके समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहाकि छोटे छोटे व्यपारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं, सरकार को इन्हें प्रोत्साहन देना चाहिए लेकिन अफसोस कि बात है कि बड़े बड़े कॉरपोरेट घरानों व उद्योगपतियों के करोड़ो अरबो के ऋण माफ कर दिए जाते हैं, उनके पुनर्स्थापन की योजनाएं भी बनाई जाती है और उनके प्रोत्साहन के लिए सब्सिडी सहित अनेक प्रकार की योजनाएं बनाई जाती है लेकिन छोटे व मझोले व्यपारियो को कोई सहायता नही दी जाती। अम्बाला छावनी में रेहड़ी-फड़ी वालो का लगातार नगरपरिषद द्वारा पडताड़न किया जाता रहा है यह तक कि गांधी ग्राउंड में एक दिन के सोम बाज़ार के लिए 300 रुपये प्रति रेहड़ी सफाई व्यवस्था के लिए धारा 300 के तहत वसूल किए जाते थे। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी प्राप्त करने के पश्चात उक्त नाजायज वसूली 300 रुपए प्रतिदिन की बन्द करवाई गई। उन्होंने कहाकि इनैलो सरकार आने पर अम्बाला छावनी में रेहड़ी फड़ी वालो को निश्चित व स्थाई स्थान दिया जाएगा और मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएगी ताकि इन्हें प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहाकि रेहड़ी फड़ी के व्यवसाय से जहां एक तरफ प्रत्येक बेरोजगार को रोजगार मिलता है वहीं खरीददार व उपभोगता को कम दाम पर उचित व अच्छा उत्पाद मिल जाता है। भारतीय अर्थव्यवस्था मूलतः छोटे व मझोले व्यपारियो के इर्द गिर्द घूमती है इसलिए आर्थिक विकास व अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए रेहड़ी-फड़ी वालों व छोटे और मझोले व्यवसायियों को मूलभूत सुविधाएं देकर उन्हें प्रोत्साहित करना अतिआवश्यक है। इस अवसर पर सुखचैन सिंह, ऋषि सिंह किंग, सन्तोष कुमार, दीपक, कुमार, सुन्नी, समीर,शैंकी, टिंकू,पाल कुमार, विनोद कुमार आदि उपस्थित थे।
