* यूनियन ने कहा-15 साल से ठेका प्रणाली की चक्की में पिस रहे कच्चे कर्मी
संगरूर, (सुभाष भारती): कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर पंजाब रोडवेज / पनबस कांट्रेक्ट वर्कर यूनियन के सदस्यों का गुस्सा भडक़ उठा। गुस्साए सदस्यों ने सुबह ही बस स्टैंड का गेट बंद कर बसों को बाहर निकाल दिया। लगभग दो घंटे तक बस स्टैंड के गेटों पर ताला लगा रहने के कारण बसें स्टैंड में नहीं जा सकी। नतीजन बस स्टैंड के बाहर बसों का जाम लग गया जिसका खमियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। 2 घंटे यात्री अपनी मंजिल की बसों की तलाश में भटकते रहे तथा 2 घंटे उपरांत गेट खुलने के बाद हालात सामान्य हो पाये।
यूनियन नेता जतिंदर गिल, रणदीप सिंह, लखविंदर बिटटू व मनप्रीत सिंह ने कहा कि वह पिछले 14-15 वर्षों से ठेका प्रणाली की चक्की में पिस रहे हैं। नेताओं ने कहा कि सरकार खजाना खाली होने और कानूनी अड़चनों का बहाना बनाकर उन्हें पक्का करने की आनाकानी कर रही है। पिछले चुनाव में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहली कैबिनेट बैठक में ही पक्का करने का वादा किया था परंतु साढे 4 वर्ष बीत जाने के बावजूद पुलिस की लाठियों के सिवाए उन्हें कुछ नहीं मिला है। उनकी मांगों को संबंधी यूनियन की 1 जुलाई को ट्रांसपोर्ट मंत्री के साथ चंडीगढ़ में बैठक हुई थी। मंत्री ने यूनियन से प्रपोजल मांग पनबस व पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारियों को कैबिनेट बैठक के दौरान पक्का करने का वायदा किया था परंतु 24 दिन बीत जाने के बावजूद उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया है जिस कारण यूनियन ने कड़े संघर्ष का ऐलान किया है।
यूनियन के प्रदर्शन का खमियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। बस स्टैंड के दोनों गेट बंद होने से बसें बस स्टैंड के बाहर की खड़ी रहीं, ऐसे में यात्रियों को अपने-अपने शहर और गांवों को जाने वाली बसों का पता लगाने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा। भीड़ और जाम के बीच यात्री अपनी बसों को तलाशने में भटकते रहे। इस मौके पर सुखजिंदर सिंह, रणजीत सिंह, अवतार सिंह, परमिंदर सिंह, पुषपिंदर सिंह, रूपिंदर सिंह, गगनदीप सिंह, योगराज सिंह उपस्थित थे।
3 व 4 अगस्त को पंजाब भर के बस स्टैंड बंद करने का फैसला
यूनियन द्वारा ऐलान किया गया है कि 3 व 4 अगस्त को पंजाब के सभी बस स्टैंड बंद करके राज्य सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। 9 से 11 अगस्त तक पूरी तरह हड़ताल कर मुख्यमंत्री या प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के निवास का घेराव किया जाएगा और यदि मांग पूरी न हुई तो यूनियन सदस्य अनिश्चितकाल की हड़ताल पर चले जाएंगे। मांग की गई कि पनबस व पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। पंजाब रोडवेज पनबस व पीआरटीसी में कम से कम 10 हजार नई बसें डाली जाएं।
