No Result
View All Result
Sunday, October 11, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • DELHI
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CONTACT US
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • DELHI
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CONTACT US
No Result
View All Result
Ozi News
No Result
View All Result
Home Ambala

योगी जैसे बिरले होते हैं, भागना दुष्टों को है, हम क्यों भागें, हम चूड़ियां पहनकर क्यों बैठे रहें : रजनी ठुकराल

Jagdeep Singh by Jagdeep Singh
April 11, 2022
in Ambala
0
योगी जैसे बिरले होते हैं, भागना दुष्टों को है, हम क्यों भागें, हम चूड़ियां पहनकर क्यों बैठे रहें : रजनी ठुकराल
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
  • Facebook
  • Twitter
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Facebook Messenger
  • LinkedIn
  • Copy Link

 

नारी शक्ति का गौरव, दृढ़ निश्चयी, समाज में न्याय एवं धर्म की प्रतिमूर्ति महान योद्धा रजनी ठुकराल राष्ट्रीय अध्यक्षा ओजस्विनी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद् ने प्रण लिया है कि वे स्त्रियों की सेना तैयार करेंगी. हर महिला को आत्म सुरक्षा के लिए त्रिशूल/कटार धारण करवाएंगे. उन्होंने हुंकार लगाई ” न दैन्यं न पलायनम् (पराक्रम हि केवलम्) अर्थात कोई दीनता नहीं चाहिए , चुनौतियों से भागना नहीं , बल्कि जूझना जरूरी है”. रजनी ठुकराल ने प्रश्न करते हुए पूछा कि जहां भागकर जाओगे, कुछ समय बाद वहां भी ऐसी स्थितियां बनेंगी, तब कहां भागोगे? कितनी बार भागोगे? कब तक भागते रहोगे? जब तक रवैया नहीं बदलोगे, तो भागना रुकेगा नहीं। सारा ध्यान केवल कमाई पर, सारा समय केवल कमाई या घर में। जिस समाज में रहते हैं वहां कोई मेलजोल नहीं, कार्यक्रमों में भागीदारी नहीं,संगठन का भाव और प्रयास नहीं,संगठनों से जुड़ाव भी नहीं।उल्टे मिथ्या ‘भाईचारे’ का राग अलापते रहना क्योंकि उद्देश्य केवल ‘कमाना’ है। तब यह दुर्भाग्य जनक स्थितियां बनती हैं। संगठन, सामाजिक कार्यक्रम, इसलिए होते हैं कि हम सबका उनसे से जुड़ाव रहे तो कठिन परिस्थितियाँ बनने की सम्भावना नहीं रहती।यदि दुर्दैव से ऐसा प्रसंग आ भी गया तो वही ‘जुड़ाव’ रक्षा कवच बनकर हमारे काम आता है और हम भी सारे समाज के रक्षा कवच बनकर जीवन जीते हैं। समाज पर बोझ बन कर नहीं। यदि वर्तमान में सर्वत्र यही दुर्भाग्य जनक परिस्थितियाँ बन रही हैं कि आतताई कभी भी हमें घेरने आ सकते हैं तो युगधर्म का यह संदेश है कि हम तदनुसार तैयारी रखें। घर/दुकान में दो चार बढ़िया शस्त्र रखें। मरने मारने की बात आ ही गई तो हम चूड़ियां पहनकर क्यों बैठे रहें? जब दुष्ट, दुष्टता के भाव से आ ही गया तो आपकी सज्जनता उसे अधिक दुष्टता करने को प्रेरित करेगी। तो सावधान! ‘शठे शाठ्यम् समाचरेत्’ यह नीति वचन अपने शास्त्रों ने ही बताया हुआ है।भगवान ने आपको भी सामर्थ्य दी है। उपयोग कीजिए।उसे भी ‘छटी का दूध’ याद दिलाइए।तो हम अन्यों के लिए प्रेरक उदाहरण बनेंगे। अन्यथा दया के पात्र बने रहेंगे। सरकारें सभी सरकारें ही होती हैं।योगीजी जैसे बिरले होते हैं। योगी जी ने दुष्ट लोगो को जो सजा दी है कि जो तोड़फोड़ करेगा उनसे ही उसकी भरपाई करना और हिंदुत्व की बात पे अड़े रहना। बड़ा हो या छोटा, जो गलत है, उसको सजा मिलनी ही चाहिए। तो सरकारों के भरोसे स्वाभिमान से नहीं जिया जाता।वह जाग्रत समाज के संगठन के बलपर जिया जाता है।उसके अभाव में भागते रहेंगे यहां से वहां। भागना दुष्टों को है, हम क्यों भागें? इसका तजा उदहारण है करौली और कल हिम्मत नगर गुजरात, मध्यप्रदेश के खरगौन में जो राम नवमी की शोभायात्राओं पे हमले हुए है. उसे भी जोड़ देंसांस्कृतिक प्रवाह के लिए यज्ञ, होम, हवन, शोभायात्रा, धर्म यात्रा, बाइक रैली सब उत्साह से कीजिए, किन्तु असुरों को विघ्न डालने का अवसर मत दीजिए। उत्साह, उमंग में तैयारी के ‘उस पक्ष’ को दुर्लक्ष्य मत कीजिए। अंततः हम रामजी की सन्तान हैं। वयं अमृतस्य पुत्रा:। डॉ प्रवीण भाई तोगड़िया जी ने देश के युवाओं को सदेंश दिया कि अनगर्ल कार्यों में जीवन नष्ट करने की बजाय देश के हितार्थ आगे आएं। रीना सिंगला अध्यक्षा अम्बाला राष्ट्रीय महिला परिषद अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद्ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद् का सबसे पहला संकल्प भारत माता की रक्षा है एवम मातृ शक्ति की सुरक्षा एवम सम्मान है. ओजस्विनी और राष्ट्रीय महिला परिषद् के अंतर्गत बहनों को आत्मसम्मान से जीना सिखाया जाता है. स्कूल, कॉलेज और नौकरी पर जाने वाली बहनों को स्वयं को सुरक्षित कैसे रखा जाए, इसका प्रशिक्षण दिया जाता है. महिलाओं को महिला अधिकारों के लिए जागरूक करना ही संगठन का लक्ष्य है ताकि हर महिला स्वाभिमान से जी सके. हर महिला आत्म सुरक्षा के लिए त्रिशूल/कटार धारण करे. इसके लिए जल्द ही अम्बाला में एवं अन्य स्थानों पर कार्यक्रम भी किए जाएंगे, जिसमें महिलाओं को त्रिशूल/कटार धारण करवाई जाएगी ताकि नारी खुद को कमज़ोर ना समझे. अब देश की हर बेटी पढ़ेगी भी और आगे बढ़ेगी भी. देश के समाज में फैली बुराई और आतंकवाद जैसी विषम परिस्थियों से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद ने राष्ट्रीय बजरंग दल के नौजवानों को और राष्ट्रीय महिला परिषद व ओजस्विनी महिलाओं को त्रिशूल/कटार दीक्षा देनी शुरू कर दी है. त्रिशूल दीक्षा में देश के २ करोड़ नौजवानों को त्रिशूल देकर अपने समाज की रक्षा खुद करने को उत्साहित किया जायेगा एवं महिलाओं को आत्मसुरक्षा के गुर बताएं जायेगे. त्रिशूल दीक्षा में नौजवानों को बताया जा रहा है कि जब सामाजिक विपदा आए तो पुलिस और सेना के भरोसे न रहकर खुद खड़े होकर समाज की रक्षा करें।

Views: 64
  • Facebook
  • Twitter
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Facebook Messenger
  • LinkedIn
  • Copy Link
Previous Post

ऐ डी सामने आएंगे मल्लिकार्जुन

Next Post

महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले की जयंती पर सैनी सभा ने किए श्रद्धासुमन अर्पित

Next Post
महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले की जयंती पर सैनी सभा ने किए श्रद्धासुमन अर्पित

महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले की जयंती पर सैनी सभा ने किए श्रद्धासुमन अर्पित

Ozi News

© 2024 www.ozinews.in - Powered by Ozi Broadcasters Private Limited+91093170-88800

Navigate Site

  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • DELHI
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CONTACT US

Follow Us

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • DELHI
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CONTACT US

© 2024 www.ozinews.in - Powered by Ozi Broadcasters Private Limited+91093170-88800