लखनऊ (विशाल वर्मा)- कानपुर यूनीवर्सिटी (छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय) में माइक्रोबायोलाॅजी विभाग में संविदा पर नियुक्त सहायक प्रोफेसरों की याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद ने उनकी सेवायें जारी रखने के आदेश दिया है। प्रसंग इस प्रकार है कि सहायक प्रोफेसर शिल्पी उत्तम, शालिनी वर्मा, अर्चना यादव को वर्ष 2011 में संविदा के अन्तर्गत् नियुक्ति दी गयी थी। इन संविदा पर नियुक्त सहायक प्रोफेसरों के अनुसार इनकी सेवायें सुचारू व संतोषजनक होने पर भी विश्वविद्यालय ने वर्ष 2021 में उनके पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किये हैं, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन अनियमित रूप से उनकी सेवायें समाप्त करना चाहता है। इस पर इन सहायक प्रोफेसरों ने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जिसकी सुनवाई में न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह ने इन सहायक प्रोफेसरों की सेवायें संतोषजनक होने एवं सेवानिवृत्ति की आयु न होने की स्थिति में इनकी सेवायें जारी रखने का आदेश दिया है।
