कानपुर – शुक्रवार देर शाम बजरंग दल के पूर्व नगर संयोजक इंद्र बहादुर उर्फ विजय यादव की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने चापड़ और चाकू से गर्दन और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए। फैक्ट्री कर्मचारी रामकरन यादव का मंझला बेटा इंद्र बहादुर फर्नीचर और प्रापर्टी का व्यापार करता था। परिवार में पत्नी नीलम और दो बेटियां खुश्बू और नैना हैं। इंद्रजीत के छोटे भाई वीर बहादुर ने बताया कि इंद्रजीत शुक्रवार शाम लगभग चार बजे बोलेरो लेकर घर से निकला था। फोन करने वाले ने बताया इंद्र बहादुर अर्मापुर थाने के ठीक पीछे लहूलुहान हालत में पड़ा है। इसकी सूचना पाकर वह फौरन मौके पर पहुंचा, तो इंद्रबहादुर दर्द से कराह रहा था। यूपी-100 पुलिस भी मौजूद थी।घटनास्थल से कुछ दूर पर इंद्र बहादुर की बोलेरो भी खड़ी थी। फौरन उनको हैलट ले गया, फिर वहां से रीजेंसी अस्पताल ले गया। वहां उनकी मौत हो गई। इंद्र बहादुर के भाईंयाें ने अस्पताल जाते समय एक वीडियाे बनाया जिसमें उसने कुछ लाेगाें पर हत्या का आरोप लगाया है। फिर सभी आरोपियों ने मिलकर उसकी चापड़ और चाकू से हत्या कर दी।