श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में 2017 के आखिरी दिन केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों पर आतंकियों ने फिदायीन हमला कर दिया था। इस हमले में पांच जवान शहीद हो गए थे जबकि सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया था। जिस इमारत में आतंकी छिपे हुए थे उसे देर रात ही भारतीय जवानों ने उड़ा दिया था। आज सोमवार सुबह जब सेना उसी जगह सर्च ऑपरेशन चला रही थी तो 30 घंटे बाद एक बार फिर गोलीबारी शुरू हुई। इमारत से लगातार गोलियों की आवाज आ रही है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ एस.पी. वैद्य ने सीआरपीएफ शिविर पर हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादियों को भेजता रहेगा सुरक्षा बलों और कश्मीर के लोगों के साथ ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और यह हमला पुलवामा में इसी संगठन के शीर्ष कमांडर नूर मोहम्मद तांतरे के मारे जाने के पांच दिन बाद हुआ है।
