मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कलाकारों, खिलाड़ियों तथा युवाओं का किया उत्साहवर्धन
मुख्यमंत्री ने आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति किया जागरूक, कहा, सड़क पर वाहन चलाने वालों का जितना अधिकार उतना ही अधिकार पैदल चलने वालों का
चंडीगढ़ 2 जुलाई – करनाल में रविवार की सुबह शहर के मुख्य बाजार में स्थित वाल्मीकि चौक (घंटाघर) पर भव्य ढंग से राहगिरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आम जनता के उत्साहवर्धन के लिए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और राहगिरी कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने वाले कलाकारों, खिलाडिय़ों तथा युवाओं के बीच पहुंचकर उनका उत्साहवर्धन किया। बीन–बाजे व ल नगाड़ों के साथ मुख्यमंत्री का राहगिरी कार्यक्रम में जोरदार स्वागत किया गया।
राहगिरी कार्यक्रम ने आम जनता के दिलों–दिमाग पर अमिट छाप छोड़ी। इस दौरान सांसकृतिक कार्यक्रमों की मस्ती से लेकर अलग–अलग खेल गतिविधियों के साथ–साथ द ग्रेट खली लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि करनाल में राहगिरी का कार्यक्रम पहले भी प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा और कोविड महामारी से बचाव के बाद पुन: अति सुंदर ढंग से आगाज हुआ है जोकि बेहद प्रशंसनीय है। इस कार्यक्रम की सफलता के पीछे आयोजकों के साथ–साथ दर्शकों की भी अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा उदय प्रोग्राम के तहत हरियाणा सरकार ने राहगिरी मैराथन को प्राथमिकता दी है। इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन से न केवल मनुष्य को शारीरिक स्वास्थ्य लाभ मिलता है बल्कि उसमें सकारात्मक सोच का भी संचार होता है। इन कार्यक्रमों से अच्छी बातें लोगों को सीखने को मिलती है। इतना ही नहीं, भाग– दौड़ की जिंदगी में मनुष्य का जीवन तनाव भरा रहता है, इससे भी छुटकारा मिलता है और मानसिक रूप से भी मजबूती मिलती है। लोग सुबह–सुबह उठकर सड़कों पर आकर योग, खेल गतिविधियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लेते हैं।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बाद हरियाणा सरकार ने राहगिरी जैसे कार्यक्रमों की कईं वर्षों बाद पुन: शुरुआत करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत गुरुग्राम व पानीपत में भी यह कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। युवा शक्ति को प्रेरित करने के लिए सिरसा में ऐतिहासिक मैराथन, पानीपत में महिलाओं के लिए पिंकाथॉन व अन्य शहरों में भी ऐसे उल्लेखनीय आयोजन हुए हैं।
श्री मनोहर लाल ने लोगों का आह्वान किया कि राहगिरी कार्यक्रम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और नियमित रूप से इससे जुड़े रहें। उन्होंने राहगिरी कार्यक्रम के आयोजकों से भी कहा कि वे राहगिरी कार्यक्रम को एक सप्ताह में या 15 दिन में अवश्य आयोजित करें, कोशिश करें कि अलग–अलग स्थानों पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा सकें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ ले सकें। राहगिरी कार्यक्रम एक राजनीति से ऊपर उठकर आम जनता के लिए एक सामाजिक मेला है। ऐसे कार्यक्रमों से लोगों में आपसी प्रेम भाव भी बढ़ता है तथा समाज व देशहित के बारे में अच्छी बातें निकलकर सामने आती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहगिरी कार्यक्रम का थीम सड़क सुरक्षा नियमों की पालना करना है, जिससे आम जनता स्वयं भी सुरक्षित रहे और दूसरों को भी सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों की पालना करने से दुघर्टनाओं पर रोक लगती है और लोगों का जीवन सुरक्षित रहता है। उन्होंने कहा कि करनाल में होण्डा कंपनी द्वारा ड्राईविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केन्द्र खोला गया है, यहां सड़क सुरक्षा नियमों एवं ड्राईविंग प्रशिक्षण अवश्य लें। सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता के लिए सरकार के साथ–साथ आम जनता व संस्थाओं को आगे आना होगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि जहां सड़क पर वाहन चलाने वालों का अधिकार है, उतना ही अधिकार पैदल चलने वालों का है। इसलिए वाहन चालक ट्रैफिक नियमों की दृढ़ता से पालना करें।
उन्होंने कहा कि राहगिरी कार्यक्रम के माध्यम से बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा नशा मुक्ति का संदेश दिया जा रहा है। इन संदेशों को संत महात्माओं, ऋषि मुनियों तथा विभिन्न संस्थाओं के द्वारा भी प्रसारित किया जा रहा है ताकि समाज में एक बदलाव आए और लोंगों का जीवन सरल, सुगम और खुशहाल बने।









