चंडीगढ़, 25 दिसंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सुशासन एक विकसित भारत और एक विकसित हरियाणा बनाने के लिए सबसे मजबूत स्तंभ है। राज्य सरकार अपनी सेवाओं को एक मिशन के रूप में ले रही है और हम ऐसा हरियाणा बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं, जहां न्याय सुलभ हो, सेवा त्वरित हो और हर नागरिक सशक्त हो, यही सच्चा सुशासन है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को पंचकूला में आयोजित राज्य-स्तरीय सुशासन दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हर साल की तरह आज भी पूरे राज्य में ‘सुशासन दिवस’ मनाया जा रहा है। पंचकूला के इस राज्य स्तरीय समारोह सहित सभी 23 जिलों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसके अलावा, आधिकारिक रूप से दो दिन पहले ही बने नए जिले हांसी में भी आज सुशासन दिवस का भव्य कार्यक्रम हो रहा है। 23वें जिले का गठन इसलिए किया है, ताकि लोगों को अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर न जाना पड़े और उस क्षेत्र का तेजी से विकास हो।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के राष्ट्र को समर्पित जीवन और उनकी अमूल्य सेवाओं को याद करते हुए दोनों महान विभूतियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के आदर्शों व सिद्धांतों की याद दिलाता है। उनके लिए सत्ता सेवा का माध्यम थी और शासन जन-कल्याण का पर्याय था। उन्होंने अपने चिंतन, कर्मों और दूरदर्शिता से भारत को नई दिशा और पहचान दी। उन्होंने भारत को सशक्त बनाने के लिए सशक्त नीतियों की नींव रखी। इससे उस विकसित भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिसका संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लिया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बुधवार को ही केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने पंचकूला में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही, उनके जीवन पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन और रक्तदान शिविर का उद्घाटन करके उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों के विचारों से प्रेरित होकर, आज हम एक ऐसे ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के निर्माण के लिए अग्रसर हैं, जहां शासन पारदर्शी हो, निर्णय समयबद्ध हों और नागरिक कल्याण नीतियों के केंद्र में हों। उन्होंने कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य केवल नियम-कानून बनाना नहीं है, बल्कि आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। जब सरकार की योजनाएं अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं। जब लाभार्थी को उसके अधिकार के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। जब व्यवस्था भरोसे और संवेदनशीलता के साथ काम करती है, तभी सच्चा सुशासन स्थापित होता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत जिस परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। उसके अनुसार विज़न स्पष्ट है। डिजिटल, डेटा-आधारित और जन-केंद्रित प्रशासन सरकार की नीतियों के केंद्र में है। टेक्नोलॉजी को हमने केवल सुविधा नहीं, बल्कि परिवर्तन का साधन बनाया है। डिजिटल इंडिया, डी.बी.टी., ऑनलाइन व समयबद्ध सेवा वितरण, इन सभी ने शासन को तेज़, सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया है।













