इससे पहले सिख संस्थाओं ने भी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात कर अमरजीत सिंह चावला मामले की एस.आई.टी. जांच की मांग की थी
एस.आई.टी. श्री आनंदपुर साहिब की घटना की गहन जांच करेगी; घिनौने अपराधों के दोषियों के प्रति कोई नरमी नहीं, अनुकरणीय सजा सुनिश्चित की जाएगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
कानून अपना काम करेगा, किसी को भी न्याय में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव में कोई अनावश्यक देरी नहीं होगी, सभी उचित कदम उठाए जाएंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब सरकार न्याय, समयबद्ध जांच और सिख पंथ से जुड़े मामलों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
चंडीगढ़, 6 अक्टूबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज गुरप्रीत सिंह खालसा के नेतृत्व वाले ‘धर्म युद्ध मोर्चा’ के प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार श्री आनंदपुर साहिब की दुखद घटना की तत्काल, पारदर्शी और गहन जांच सुनिश्चित करेगी। इसके लिए तत्काल विशेष जांच दल (एस.आई.टी.) का गठन किया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह भरोसा सिख संस्थाओं द्वारा इस मामले की एस.आई.टी. जांच की मांग को लेकर बार-बार दिए गए ज्ञापनों के मद्देनजर दिया गया है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लंबे समय से लंबित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एस.जी.पी.सी.) के चुनाव बिना किसी अनावश्यक देरी के करवाने तथा समयबद्ध कार्रवाई और उचित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सिख पंथ से जुड़े सभी मामलों का समाधान करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बटाला में चल रहे ‘धर्म युद्ध मोर्चे’ के नेता गुरप्रीत सिंह खालसा जी के साथ चंडीगढ़ में एक महत्वपूर्ण बैठक की। हमने सिख पंथ से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। हम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लंबे समय से लंबित चुनाव बिना किसी देरी के जल्द करवाए जाएं। श्री आनंदपुर साहिब में हुई दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मैंने भरोसा दिलाया कि इस मामले की गहन जांच के लिए तत्काल एस.आई.टी. गठित की जाएगी। जांच जल्द पूरी की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हमारी सरकार सिख पंथ से जुड़े प्रत्येक मुद्दे का तत्काल और उचित समाधान तलाशने के लिए प्रतिबद्ध है।”
प्रतिनिधिमंडल द्वारा इस मामले में व्यक्त की गई चिंताओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो। कानून अपना काम करेगा और किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी पद पर हो अथवा कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, न्याय की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
उन्होंने कहा, “एस.आई.टी. के गठन से जांच में तेजी आएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाए।”
प्रतिनिधिमंडल को कड़ी कार्रवाई का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मानवता के खिलाफ, विशेषकर एक महिला के खिलाफ, यह घिनौना अपराध श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर हुआ है। इस अपराध के दोषी को अनुकरणीय सजा सुनिश्चित की जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसे अपराधी किसी रहम के हकदार नहीं हैं और उनके खिलाफ देश के कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी, ताकि यह दूसरों के लिए भी सबक बने।”
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एस.जी.पी.सी.) के लंबे समय से लंबित चुनावों के संबंध में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की गंभीरता दोहराते हुए कहा, “शिरोमणि कमेटी के चुनाव करवाने में कोई अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी उचित कदम उठाए जाएंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सिख पंथ की समृद्ध और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है तथा सिख संस्थाओं और समूचे भाईचारे से जुड़े मामलों का समाधान संवेदनशीलता, गंभीरता तथा संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाना चाहिए।”












