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हालांकि इस्राइल का सबसे बड़ा सहयोगी अमेरिका उस पर बड़े पैमाने पर लोगों को और विस्थापित न करने तथा आम लोगों को न मारने का दबाव बढ़ा रहा है।
वहीं, फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को संघर्षविराम के खत्म होने के बाद सैकड़ों आम लोगों की मौत हो चुकी है जिससे बातचीत की मेज़ पर फिर से लौटने का दबाव बढ़ रहा है। इस्राइली हमलों की वजह से गाज़ा का उत्तरी हिस्सा मलबे में तबदील हो चुका है। दक्षिणी हिस्से में पनाह चाह रहे लोगों को भी इन्हीं स्थितियों को गुज़रना पड़ सकता है। इस्राइल और पड़ोसी मिस्र ने किसी भी शरणार्थी को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।













