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इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के साथ ही स्पष्ट संकेत मिले हैं कि इस्तीफा देने वाले सांसद मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की भावी सरकार में शामिल होंगे। इस कदम से यह विचार भी पैदा हुआ है कि पार्टी नेतृत्व तीनों राज्यों में नये चेहरों को मुख्यमंत्री के पद पर मौका दे सकता है।
इस्तीफा देने वाले सांसदों में तोमर और पटेल के अलावा राकेश सिंह, रीती पाठक, उदय प्रताप सिंह, दीया कुमारी, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, किरोड़ी लाल मीणा, अरुण साव और गोमती साय शामिल हैं। भाजपा ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के विधानसभा चुनावों में कुल 21 सांसदों को उम्मीदवार बनाया था, इनमें से 12 ने जीत दर्ज की है।
संसद की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद केंद्रीय मंत्रियों को प्रक्रियागत औपचारिकता के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देना होगा। केंद्रीय मंत्रिपरिषद से उनके संभावित इस्तीफे की स्थिति में एक नयी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या मोदी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपनी मंत्रिपरिषद में नये सदस्यों को शामिल करेंगे।









