जिला अदालत में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा की आज पेशी हुई। अदालत में पेशी के दौरान शुरुआत में ही सुखपाल खैहरा ने चार्जशीट दाखिल करने में छूट मांगने की कोशिश की। इसके लिए उनके वकीलों ने अदालत में अर्जी लगाई। अदालत ने तीन पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उस अर्जी को रद्द कर दिया।
इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ ईडी के वकील की तरफ से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा-3 और 4 के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी गई। अब मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। उसी दिन से ट्रायल शुरू किया जाएगा।
ट्रायल के लिए दो गवाहों को भी सम्मन किया गया है। उन्हें भी 17 नवंबर को पेश होना होगा। खैहरा ने अदालत में कहा कि चार्जशीट पेश करने से पहले सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए। इस पर ईडी के वकील को नोटिस किया।
ईडी के वकील ने कहा कि केस 2022 से अदालत में लंबित है। इन्हें पहले भी कई मौके मिल चुके हैं। अब और मौका देने की जरूरत नहीं है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कोई स्टे नहीं किया गया है। फिर भी अदालत ने उन्हें सुनने के लिए अदालत ने एक मौका दिया तो उनके वकील ने कहा कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। वह राजनीति में उच्च पद पर हैं। उनका आरोपी गुरदेव सिंह के साथ कोई संपर्क नहीं है। गुरदेव सिंह उनके गांव का सरपंच और मार्केट का प्रधान रह चुका है। उन्होंने उससे कोई नकदी नहीं ली है। खैहरा के साथ दूसरा आरोपी गुरदेव सिंह भी पेश हुआ। उसने कहा कि उसे 2017 में सजा मिल चुकी है।
इसके अलावा उसके सुखपाल सिंह खैहरा से कोई संबंध नहीं है और न ही खैहरा के साथ कोई लेनदेन हुआ इसलिए उसे इस मामले में बरी किया जाना चाहिए।













