लाहौर.पाकिस्तान की एंटी टेररिज्म कोर्ट ने 7 साल की बच्ची के रेप और मर्डर के मामले में दोषी को सजा-ए-मौत का फैसला सुनाया। कोर्ट ने बुधवार को इमरान अली नक्शबंदी (23) को दोषी करार दिया था। पाकिस्तान में यह पहला मामला है, जब किसी कोर्ट ने महज 4 दिन की सुनवाई में ही दोषी को मौत की सजा सुनाई है। वहीं, विक्टिम की फैमिली ने उसे फैसले को लेकर संतोष जताया है, हालांकि उन्होंने इमरान को सरेआम सजा देने की मांग की। बता दें कि 9 जनवरी में बच्ची की बॉडी कूड़े के ढेर में पड़ी मिली थी। एटीसी जज सज्जाद हुसैन ने फैसले के लिए साइंटिफिक टेक्नोलॉजी की मदद ली। बुधवार को 9 घंटे की सुनवाई के दौरान बच्ची के भाई और चाचा समेत कुल 56 गवाहों के बयान दर्ज हुए। इसके बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट और पॉलीग्राफी टेस्ट के आधार पर इमरान अली को मामूम बच्ची के अपहरण, रेप, हत्या और अप्राकृतिक घटना को अंजाम देने का दोषी माना गया। शनिवार को मौत की सजा के साथ दोषी पर 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। 23 जनवरी को गिरफ्तारी के बाद से इमरान अली पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद था। केस की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई।













