अम्बाला शहर
मिशन एकता पार्टी का मिशन ही संविधान को देश मे पूरी तरह से लागू करवाना है ताकि देशवासी जाति धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को ही अपना कर्म माने। मिशन एकता पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कान्ता आलडिया ने कहा कि जब देश के सविधान को हर भारतीय अपनी शान के रूप में समझना शुरू कर देगा, तो पूरे देश में जात-पात, ऊंच, नीच का भेदभाव करने वाले राजनैतिक दलों के नेताओं के मुंह पर तमाचा स्वयं ही लग जाएगा। यह बात कान्ता आलडिया ने आज अम्बाला शहर के एक नीजि रेस्टोरेंट में कही। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का घोषणापत्र सविधान रूपी ग्रन्थ है जो भारतीयों को समानता का अधिकारी प्रदान करता है ताकि हम सब मानवता के रास्ते पर चले। कान्ता ने कहा कि जब भारत में मानवता की पूजा होने लगेगी तो देश में अपराध और अपराधी भी खत्म हो जायेगें। उन्होंने कहा कि ज्यादातर राजनैतिक दलों ने भारतवासियों को धर्म भीरू बनाकर उनको शोषण किया है ताकि उनकी तानाशाही चलती रहे और उनका साम्राज्य कायम रहे । कान्ता ने कहा कि यदि इन राजनैतिक दलों के नेताओं ने भारत की गरीब, शोषित, दलित, पिछड़ी जनता को शिक्षित किया होता तो पूरी दुनिया में भारत महाशक्तिशाली पावर बन गया होता, और युवा शक्ति भारत की भाग्य विधाता होती, अपराध की ओर नहीं भागती। उन्होंने भाजपा, कांग्रेस व अन्य दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि इन दलों के डी.एन.ए. में फूट डलों और राज करो के कीटाणु हैं और ये दल अपने नापाक मसूबों में कामयाब इसलिए हो जाते हैं क्योंकि ज्यादातर भारत की जनता शिक्षित नहीं है कान्ता ने कहा कि ये राजनेता अच्छी तरह जानते है जिस दिन भारत की युवाशक्ति शिक्षित होकर ज्ञानवान हो जाएगी उसी दिन से राजनैतिक दलों के नेताओं का ढोंग दम तोड देगा। और एक बार फिर से भारत सोने की चिडिया बनने की तरफ लौट आएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने संकल्प लिया है कि जिन महापुरूषों संविधान निर्माता बाबा साहेब डा0 भीमराव अम्बेडकर, ज्योतिबा फूले, सर छोटू राम, शहीद भगत सिंह ने गुलामी की जंजीरो से मुक्त करवाया और शिक्षित होकर समानता के अधिकार दिलवाने के पैरवी की, पार्टी ऐसे महापुरूषों के जन्म स्थली पर जा कर वहां की मिट्टी को हरियाणा प्रदेश के हर ग्रामीण क्षेत्र में जा कर उस मिट्टी के आदर्शों से सबको अवगत करवायेगी। ताकि उन महापुरूषों के संघर्ष और आदर्शों से पूरा प्रदेश अवगत हो सके और उनका सपना साकार हो सके। कान्ता ने कहा कि बडे खेद की बाद है कि मौजूदा, भाजपा, आर.एस.एस की सरकार सरकारी सम्पतियों को बेच रही है। जिनको बचाने में हमारे महापुरुषों व क्रान्तिकारियों ने अपने जीवन को बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा कि जब सरकारी सम्पतियाँ ही नहीं रहेगी, स्कूल, कॉलेज तक निजि हाथों में चले जाएगें तो एक आम आदमी शिक्षित होने की केवल कल्पना ही कर सकेगा, इससे साफ जाहिर होता है कि युवाओं को गुलामी की जंजीरों में बांधने की योजना है ताकि तानाशाही के सामने अपने अधिकार मांगने की कोई भी युवा हिमाकत न कर सके।

