अंबाला,05मार्च,(जगदीप सिंह- अंबाला शहर में सांझा मोर्चा अंबाला डिपो के सदस्य के कर्मचारियों द्वारा रोडवेज के निजीकरण के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया। अंबाला में 2 घंटे की गेट मीटिंग की गई। कर्मचारियों का कहना है यदि उनकी मांगे पूरी नहीं होती है, तो वे 13 मार्च को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और तब भी कोई अगर सुनवाई नहीं होती है, तो 28 एवं 29 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। जिसमें हरियाणा रोडवेज का प्रत्येक कर्मचारी बढ़ चढक़र भाग लेगा।
सांझा मोर्चा अंबाला डिपो के सदस्य महावीर पाई से बातचीत करने पर उन्होंने बताया आज अंबाला में 2 घंटे की गेट मीटिंग की गई है और इसमें जो मुख्य मांगे है, जो रोडवेज का निजीकरण करने के लिए एबीसी कैटेगरी एवं और भी जो अन्य तरह की सरकार नीतियां लेकर आई है, उनको बंद करके रोडवेज में 10 हजार बसें शामिल की जाए ताकि प्रदेश के लगभग 84 हजार युवाओं को रोजगार मिल सके। अगर सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करती है, तो आने वाली 13 मार्च को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। करनाल में 28 और 29 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रोडवेज का एक-एक कर्मचारी बढ़ चढक़र भाग लेगा।
सांझा मोर्चा अंबाला डिपो के सदस्य रमन सैनी मेंं जानकारी देते हुए बताया कि रोडवेज में उनका सांझा मोर्चा बैनर बना है। उस के बैनर तले आज पूरे हरियाणा में प्रत्येक दीपू में 2 घंटे का धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें उनकी मुख्य मांगे रोडवेज का निजीकरण बंद करना है। रोडवेज में नई बसें शामिल करना है, बच्चों को पक्का करना है। उसके बाद इनका अगला आंदोलन 13 तारीख को करनाल में है, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय का पुरे हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों द्वारा घेराव किया जाएगा। उसमें भी अगर सरकार कोई सुनवाई नहीं करती है तो 28 और 29 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रोडवेज कर्मचारी भाग लेंगे और पूर्ण रूप से रोडवेज का चक्का जाम करने का कार्य किया जाएगा और इसकी जिम्मेवारी पूर्ण रूप से सरकार की होगी। हम सरकार से मांग करते हैं कि सरकार समय रहते यूनियन को बुलाकर उनकी मांग में मुद्दों पर विचार करें और सरकार ने पहले भी मांगे मानी है, लेकिन धरातल पर लागू नहीं किया गया। अगर सरकार मांगों को पूरा करती है, तब आंदोलन को वापस लेने के बारे में विचार किया जाएगा।

