भिवानी :- चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय एवं हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में कृषि एवं भारतीय अर्थव्यवस्था विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन विश्वविद्यालय के प्रेम नगर स्थित नए परिसर में किया गया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी श्री पवन जिंदल ने संबोधित करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में हमें और अधिक काम कर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए, क्योंकि किसान जितना अधिक समृद्ध होगा हमारा राष्ट्र भी उतना ही विकसित होगा। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि इंसानियत के नींव गांव में है और भारत की आत्मा गांव में है। उन्होंने कहा कि भारत में टैलेंट की कमी है लेकिन भारत का यह टैलेंट विदेशों के लिए काम कर रहा है जो चिंतनीय विषय है। उन्होंने कहा कि हमें नेचुरल और ऑर्गेनिक खेती अपनाकर गांव की अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने के लिए योजना बनाकर काम करना होगा तभी हम पूर्व की तरह विश्व का नेतृत्व करने में सफल होंगे। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष पूर्व अपोलो स्तर का एक अस्पताल अस्पताल था जिसमें बहुत कम मरीज होते थे लेकिन आज उसी स्तर के दो सौ अस्पताल हैं जिनमें मरीजों की भरमार है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि हम जहर युक्त एवं रसायन युक्त खेती कर रहे हैं और पर्यावरण पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है। इससे अनेक गंभीर बीमारियां पनप रही हैं। हमें किसानों को ऑर्गेनिक खेती के लिए जागरूक करने की जरूरत है । उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने 1 एकड़ में 18 लाख की शिमला मिर्च बेची हैं यह सब ऑर्गेनिक खेती के बदौलत संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत का वर्चस्व बढ़ रहा है और भारत पुन: विश्व गुरु बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। बतौर विशिष्ट अतिथि श्री घनश्याम सर्राफ पूर्व मंत्री एवं विधायक संबोधित करते हुए कहा कि हमें जैविक एवं ऑर्गेनिक खेती अपनाकर अन्य किसानों के लिए मिसाल कायम करनी चाहिए हम कृषि में कम से कम रसायन खाद का प्रयोग करें ताकि गंभीर बीमारियों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस तरह की संगोष्ठी का आयोजन करने से किसानों में जागरुकता आएगी और उन्हें ऑर्गेनिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुये कुलपति प्रोफेसर राजकुमार मित्तल ने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान कृषि के माध्यम से निकल सकता है उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक खेती अपनाकर किसान अपनी आय को बढ़ा सकते हैं और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों किसानों को खेती में नए नए प्रयोग करने चाहिए और नए नए उत्पाद तैयार कर उनकी मार्केटिंग करनी चाहिए और अपनी आय को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में गांव को समृद्ध बनाना अनिवार्य है। संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय निदेशक प्रोफेसर ओपी चौधरी ने कहा कि कुलपति ने स्वरोजगार कृषि एवं आत्मनिर्भरता की बात की है उन्होंने कहा कि भारत में पूर्व में विश्व की कुल जीडीपी का 32% प्रतिनिधित्व किया है जो 1947 में घटकर मात्र 3% रह गई। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारी स्वावलंबी एवं रोजगार युक्त अर्थव्यवस्था पंचायत प्रणाली को तहस-नहस किया। हमारा भारत आज भी गांव में बसता है और हमारे गांव में जो कृषि उत्पाद बनते थे उनका मूल्य संवर्धन भी गांव में ही होता था लेकिन बदलते दौर में हमने अपना रोजगार और कच्चा माल शहरों को दे दिया और हम इसके बदले शहरों से जरूरत की चीजें प्रयोग करने लगे जिसके कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि आज बड़े किसान निरंतर कम हो रहे हैं जो चिंता का विषय है। युवाओं में कृषि के प्रति रुचि नहीं रही जबकि हमारी अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है।इसलिए हमें युवाओं में कृषि के प्रति जिज्ञासा पैदा करने और स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की ओर प्रोत्साहित करने की जरूरत है। एनआईएफटीईएम कुंडली सोनीपत के कृषि विशेषज्ञ डॉ सुनील पारीक संबोधित करते हुए देश में कृषि विकास को बढ़ावा और उस कृषि पर आधारित रेखांकित ग्राफ एवं पीपीटी के माध्यम से कृषि एवं भारतीय अर्थव्यवस्था पर विस्तृत विचार रखते हुए प्रकाश डाला। पदम श्री उद्यमशील किसान कंवल सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में अपने संघर्ष के अनुभवों को साझा करते हुए आधुनिक खेती पर जोर दिया। संगोष्ठी के आयोजन सचिव एवं हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के अध्यक्ष श्री संजय राठी ने कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की और सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। संगोष्ठी में मंच का संचालन युवा कल्याण विभाग की सचिव डॉ आशा पुनिया ने किया। संगोष्ठी में कृषि एवं मीडिया क्षेत्र के लगभग 250 लोगों ने शिरकत की मुख्य अतिथियों द्वारा 21 उद्यान शील किसानों को प्रशस्ति पत्र, शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी की संरक्षक विश्वविद्यालय की कुलसचिव श्रीमती ऋतु सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही। राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन सचिव श्री संजय राठी अध्यक्ष हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस एवं समन्वयक डॉ सोनिका विभागाध्यक्ष मीडिया एवं कम्युनिकेशन स्टडीज विभाग रहे। इस अवसर पर विभाग संघचालक श्री सतनारायण मित्तल, श्री सुभाष गोयल, प्रोफेसर संजीव कुमार, डीन डॉ सुनीता भरतवाल डॉ एसके कौशिक, डॉ नितिन बंसल, डॉ विनोद कुमार, डॉक्टर दीपक कुमारी, डॉ उमा कुमारी शाह, डॉ क्रांति कुशवाह, जितेंद्र सिंह, शिवकुमार, नितिन कुमार, ऋषि शर्मा सहित अनेक मीडिया एवं कृषि क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे
