– हमारा फौजी जंग जीतकर घर लौटा- एडवोकेट सुखविंदर वर्मा
सुनाम ऊधम सिंह वाला, 03 मार्च (सुभाष भारती): यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के कारण यूक्रेन में बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने दुनिया भर से भारतीय छात्रों को वापिस भारत लाने के लिए ठोस कदम उठाये हैं। संगरूर जिले के सुनाम ऊधम सिंह वाला से यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए धीरज वर्मा का उनके माता-पिता और नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
धीरज वर्मा के सुनाम पहुंचने से पहले उनके परिजन और नागरिक बड़ी संख्या में इंतजार करते नजर आए और जैसे ही धीरज वर्मा अपने घर पहुंचा तो पहले से ही पुत्र के स्वागत में खड़े पिता एडवोकेट सुखविंदर वर्मा ने अपने गले लगाया और बेटे को सही सलामत पाकर खुशी के आंसू छलक पड़े। इस मौके पर ढोली ने बोलियां डालकर धीरज वर्मा का स्वागत किया और परिजनों ने नाच कर खुशी जाहिर की।
इस अवसर पर बोलते हुए धीरज वर्मा ने सबसे पहले ईश्वर का धन्यवाद व्यक्त किया और यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सफर उन्हें जीवन भर याद रहेगा और उन्होंने बिना सोये कई रातें बिताईं और खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस बीच धीरज वर्मा अपने माता-पिता में खुश दिखाई दिए।
धीरज वर्मा के पिता एडवोकेट सुखविंदर वर्मा और माता लवली जौहर ने कहा कि धीरज की सकुशल वापसी के लिए की गई दुआयें सफल रहीं और उन्हें जिला प्रशासन ने पूरा सहयोग किया। उन्होंने मीडिया का धन्यवाद व्यक्त किया और कहा कि मीडिया भी पल-पल की जानकारी दे रहा था जिससे उन्हें वहां की स्थिति जानने में मदद मिली। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रशासन का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को समय पर वापस लाने में सरकार ने अहम भूमिका निभाई है। यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध पर एडवोकेट सुखविंदर वर्मा ने कहा कि किसी भी मुद्दे को बातचीत से सुलझाया जा सकता है लेकिन युद्ध के कारण जान-माल के नुकसान की भरपाई कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने केंद्र सरकार से यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की। इस मौके पर धीरज वर्मा के परिजनों और नागरिकों ने धीरज वर्मा का मुंह मीठा कर खुशी जाहिर की।
