लुधियाना : पंजाब में भारी बहुमत के साथ सरकार बनने के बाद पठानकोट लोकसभा चुनाव व सभी नगर निगम चुनाव में जीत मिलने से उत्साहित कांग्रेस ने लुधियाना में भी परचम लहराने का दावा तो कर दिया है लेकिन यह टार्गेट हासिल करना अब इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि कांग्रेस को यहां अकाली दल व भाजपा के अलावा आम आदमी पार्टी व बैंस ग्रुप के गठबंधन के साथ मुकाबला करना पड़ेगा। यहां बताना उचित होगा कि इस समय महानगर के जिन एरिया में नगर निगम चुनाव होने जा रहे हैं, उनके अधीन आती 4 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है जबकि 2 सीटों पर बैंस ब्रदर्स व एक सीट पर अकाली दल को जीत मिली हुई है। इन सभी सीटों पर पिछला विधानसभा चुनाव अकाली दल व भाजपा के अलावा आम आदमी पार्टी व बैंस ग्रुप ने मिलकर लड़ा था। लेकिन बाकी जिलों में हुए नगर निगम चुनाव के दौरान यह गठजोड़ कांग्रेस का मुकाबला करने में नाकाम रहे। हालांकि अपनी हार को विरोधी पाॢटयां कांग्रेस की धक्केशाही का नाम दे रही हैं और उन्होंने लुधियाना में कांग्रेस का डटकर मुकाबला करने का ऐलान किया है। लेकिन शुरूआती दौर में चारों पाॢटयों की इस रणनीति पर आपसी खींचतान भारी पड़ती नजर आई। इसके तहत पहले भाजपा ने अकाली दल के साथ गठबंधन में आधी सीटें मिलने के बावजूद सारे 95 वार्डों में टिकट देने के लिए आवेदन मांग लिए इससे चर्चा छिड़ गई कि भाजपा द्वारा अकाली दल से अलग होकर चुनाव लडऩे की तैयारी की जा रही है।
