फरीदकोट: भारत के इतिहास में शायद यह पहली बार हो रहा है कि कोई सरकार देश के पूर्व सैनिकों को विकास के तौर पर एक जिम्मेदारी सौंप रही है और अब यह पूर्व सैनिक सीधे तौर पर सरकार की आंख-कान बनेंगे। जी हां, हम बात कर रहे हैं पंजाब सरकार की तरफ से शुरू किए गए गार्डीयंस आफ गवर्नेंस कार्यक्रम की। इस कार्यक्रम के तहत अब रिटायर हो चुके सैनिक अब गांव गांव के विकास में कमी की सही तस्वीर को सीधे सरकार तक पहुंचाएंगे और सरकार का विकास सीधे घर-घर तक पहुंचेगा। इस पूरे कार्यक्रम की बागडोर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह के सीनियर सलाहकार पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल टीएस शेरगिल के हाथ में सौंपी गई है जिस के तहत उन्होंने फरीदकोट के सैनिक रेस्ट हाउस में बड़ी संख्या में पहुंचे पूर्व सैनिकों को इस कार्यक्रम की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि पंजाब के पूर्व सैनिक अब सरकार का विकास के मामले में सहयोग देंगे और यह कोई सरकारी नौकरी नहीं है। उन्होंने बताया कि इन सैनिकों को एक मोबाइल एप के जरिए सीधे सरकार से जोड़ा गया है जिसका कंट्रोल रूम मुख्यमंत्री के आवास पर ही है और जो भी उनके इलाके में कमी होगी उसकी तस्वीर सीधे सरकार तक जाएगी जिससे विकास को गति मिलेगी।

