21 मार्च (ओज़ी न्यूज़ डेस्क): आज नरसिंह द्वादशी है, क्योंकि फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष के बारहवें दिन भगवान विष्णु के चौथे अवतार यानी नरसिंह भगवान की पूजा की जाती है। इसके चार दिन बाद होली पर भक्त प्रह्लाद की पूजा होती है।
उत्तराखंड के चमोली में है नरसिंह मंदिर
उत्तराखंड का ज्योतिर्मठ जो अब जोशीमठ हो गया है। ये उन चार मठों में से एक है, जिसकी स्थापना आदि शंकराचार्य ने की थी। यहां शंकराचार्य 5 साल रहे। ये कत्यूरी राजाओं की राजधानी रहा है। ऐसी मान्यता है कि ये शहर महाभारत काल से बसा था। तब इस नगरी का नाम कार्तिकेयपुर था। इसका जिक्र पाणिनि के अष्टाध्यायी में भी मिलता है। ये मंदिर कत्यूरी राजा वसंत देव ने 700 ई. में बनवाया था।
बद्रीनाथ धाम के कपाट जब 6 महीने बंद रहते हैं, तो भगवान नारायण की पूजा जोशीमठ में ही होती है। यहां भगवान विष्णु के नरसिंह रूप की पूजा होती है। माना जाता है कि जोशीमठ में नरसिंह भगवान के दर्शन किए बिना बदरीनाथ की यात्रा अधूरी रह जाती है।













