भगवान शिव का प्रिय माह सावन आषाढ पूर्णिमा के बाद से प्रारंभ होता है. सावन की पहली तिथि कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा होती है. श्रावण मास में सावन सोमवार व्रत, मंगला गौरी और सावन शिवरात्रि महत्वपूर्ण मानी जाती है. वैसे तो सावन का पूरा महीना भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है, लेकिन सावन सोमवार का व्रत भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए विशेष माना जाता है. इस साल 2024 में सावन माह का प्रारंभ सोमवार व्रत से हो रहा है और समापन भी सोमवार व्रत से ही होगा.
सावन 2024 का प्रारंभ और समापन
इस साल सावन माह का प्रारंभ 22 जुलाई दिन सोमवार से होगा. पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 21 जुलाई दिन रविवार को दोपहर 03 बजकर 46 मिनट से शुरु होगी और यह तिथि 22 जुलाई सोमवार को दोपहर 01 बजकर 11 मिनट तक मान्य है. उदयातिथि के आधार पर सावन माह 22 जुलाई से लग जाएगा.
प्रीति योग और श्रावण नक्षत्र में सावन माह प्रारंभ होगा. सावन के पहले दिन प्रीति योग प्रात:काल से लेकर शाम 05 बजकर 58 मिनट तक है. वहीं, श्रावण नक्षत्र प्रात:काल से लेकर रात 10 बजकर 21 मिनट तक है. सावन का समापन 19 अगस्त को होगा.













