Wednesday, January 21, 2026
No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • CONTACT US
No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • CONTACT US
No Result
View All Result
Ozi News
Ozi News
No Result
View All Result
ADVERTISEMENT
Home INDIA

ध्यान रखें: भद्रा में नहीं बांधी जाती राखी, पढ़ें राखी बांधने का अशुभ तथा शुभ मुहूर्त

admin by admin
August 3, 2020
in INDIA, PUNJAB, WORLD
Reading Time: 1 min read
A A
0
ध्यान रखें: भद्रा में नहीं बांधी जाती राखी, पढ़ें राखी बांधने का अशुभ तथा शुभ मुहूर्त
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
ADVERTISEMENT

RelatedPosts

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और एन.डी.एम.सी. द्वारा ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों के विकास व सौंदर्यीकरण पर विचार-विमर्श : हरमीत सिंह कालका

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और एन.डी.एम.सी. द्वारा ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों के विकास व सौंदर्यीकरण पर विचार-विमर्श : हरमीत सिंह कालका

January 21, 2026
0
मोहाली में बिजली सुधारों पर 750 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं

मोहाली में बिजली सुधारों पर 750 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं

January 20, 2026
0
माता सरदारनी सतवंत कौर जी की आत्मिक शांति हेतु कीर्तन एवं अंतिम अरदास — 20 जनवरी को गुरुद्वारा मोती बाग साहिब, पटियाला में

माता सरदारनी सतवंत कौर जी की आत्मिक शांति हेतु कीर्तन एवं अंतिम अरदास — 20 जनवरी को गुरुद्वारा मोती बाग साहिब, पटियाला में

January 19, 2026
0
हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सेवा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध : स्वास्थ्य मंत्री आरती राव

हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सेवा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध : स्वास्थ्य मंत्री आरती राव

January 17, 2026
0
हरियाणा–ब्रिटिश कोलंबिया सहयोग को मिली नई गति

हरियाणा–ब्रिटिश कोलंबिया सहयोग को मिली नई गति

January 17, 2026
0
बहादुरी, त्याग और शान का प्रतीक — भारतीय सेना दिवस पर राणा गुरजीत सिंह का नमन

बहादुरी, त्याग और शान का प्रतीक — भारतीय सेना दिवस पर राणा गुरजीत सिंह का नमन

January 15, 2026
0
ADVERTISEMENT
  • Twitter
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Facebook Messenger
  • Copy Link
  • Facebook

चंडीगढ़ (पीतांबर शर्मा): हर वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 3 अगस्त सोमवार को है। रक्षाबंधन का त्योहार बहन और भाई के आपसी प्रेम और स्नेह का त्योहार है।
रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के समय भद्राकाल और राहुकाल का विशेष ध्यान दिया जाता है। हिन्दू सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा श्री हिन्दू तख्त के धर्माधीश तथा कामाख्या पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु पंचानंद गिरि महाराज कहते हैं कि शास्त्रों के अनुसार भद्राकाल में राखी बांधना शुभ नहीं होता। इसलिए रक्षाबंधन के दिन भद्राकाल में विशेष ध्यान दिया जाता है। मान्यता है कि भद्राकाल में किसी भी तरह के शुभ कार्य करने पर उसमें सफलता नहीं मिलती।
जगद्गुरु पंचानंद गिरि महाराज कहते हैं कि यह भाई बहन के प्रेम का त्योहार है। इसमें भाई बहन की रक्षा का वचन देता है। पौराणिक कथाओं में भी रक्षाबंधन का जिक्र है। सबसे पहले माता लक्ष्मी ने राजा बलि को बांधी राखी थी तथा राजा बलि को अपना भाई बनाकर भगवान विष्णु को उनके दिए गए वचन से मुक्त कराया था।
जगद्गुरु पंचानंद गिरि महाराज कहते हैं कि द्वापर युग में शिशुपाल राजा का वध करते समय भगवान श्री कृष्ण के बाएं हाथ से खून बहने लगा तो द्रोपदी ने तत्काल अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनके हाथ की अंगुली पर बांध दिया। कहा जाता है कि तभी से भगवान कृष्ण द्रोपदी को अपनी बहन मानने लगे और सालों के बाद जब पांडवों ने द्रोपदी को जुए में हरा दिया और भरी सभा में जब दुशासन द्रोपदी का चीरहरण करने लगा तो भगवान कृष्ण ने भाई का फर्ज निभाते हुए उसकी लाज बचाई थी। मान्यता है कि तभी से रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाने लगा जो आज भी बदस्तूर जारी है। श्रावण मास की पूर्णिमा को भाई-बहन के प्यार का त्योहार रक्षाबंधन मनाया जाता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा में राखी न बंधवाने के पीछे एक कथा प्रचलित है। जिसके अनुसार लंका के राजा रावण ने अपनी बहन से भद्रा के समय ही राखी बंधवाई थी। भद्राकाल में राखी बाधने के कारण ही रावण का सर्वनाश हुआ था। इसी मान्यता के आधार पर जब भी भद्रा लगी रहती है उस समय बहनें अपने भाइयों की कलाई में राखी नहीं बांधती है। इसके अलावा भद्राकाल में भगवान शिव तांडव नृत्य करते हैं इस कारण से भी भद्रा में शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
जगद्गुरु पंचानंद गिरि महाराज कहते हैं कि एक अन्य मान्यता के अनुसार भद्रा शनिदेव की बहन है। भद्रा शनिदेव की तरह उग्र स्वभाव की हैं। भद्रा को ब्रह्मा जी ने श्राप दिया कि जो भी भद्राकाल में किसी भी तरह का कोई भी शुभ कार्य करेगा उसमें उसे सफलता नहीं मिलेगी। भद्रा के अलावा राहुकाल में भी किसी तरह का शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है। शास्त्रों में रक्षाबंधन का त्योहार भद्रा रहित समय में करने का विधान है।
जगद्गुरु पंचानंद गिरि महाराज कहते हैं कि इस कारण से इस बार 3 अगस्त को भद्रा का विशेष ध्यान रखें और भद्रा की समाप्ति के बाद ही राखी बांधे। भद्रारहित काल में भाई की कलाई में राखी बांधने से भाई को कार्य सिद्धि और विजय प्राप्त होती है।

जगद्गुरु पंचानंद गिरि महाराज कहते हैं कि ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 3 अगस्त को सोमवार और सोम का ही नक्षत्र होने रक्षाबंधन का मुहूर्त बहुत ही शुभ रहेगा।
सुबह 07 बजकर 18 मिनट पर सूर्य का नक्षत्र उत्तराषाढ़ समाप्त हो रहा है और चन्द्र के नक्षत्र श्रवण आरम्भ होगा। इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्राकाल ज्यादा देर के लिए नहीं रहेगा।
ध्यान रखें:- भद्रा का समय: 3 अगस्त को सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक भद्रा रहेगी उसके बाद भद्रा खत्म हो जाएगी।। भद्रा की समाप्ति के बाद पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है।
राहुकाल: राहुकाल में भी किसी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है। इसलिए भद्रा के साथ राहुकाल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 3 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन राहुकाल का समय सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक होगा।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त: सुबह 9ः30 से रात्रि 21ः11 मिनट तक
ज्योतिषियों के अनुसार राखी को सही समय पर सही विधि से बांधना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले भाई को पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके बैठाना चाहिए। इसके बाद बहन को अच्छे से पूजा की थाली सजानी चाहिएष पूजा की थाली में चावल, रौली, राखी, दीपक होना चाहिए। इसके बाद बहन को भाई के अनामिका उंगली से टीका कर चावल लगाने चाहिए। अक्षत अखंड शुभता को प्रदर्शित करते हैं। उसके बाद भाई की आरती उतारनी चाहिए और उसके जीवन की मंगल कामना करनी चाहिए। कई जगह बहनें इस दिन अपने भाई की सिक्के से नजर भी उतारती हैं।

Post Views: 121
  • Twitter
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Facebook Messenger
  • Copy Link
  • Facebook
Tags: 2 Saints Found Dead in Temple in UP's Bulandshahr2 saints murdered with sharp weaponsacharya mahamandaleshwar prakashanand ji maharajAuspicious Time & RakshasutraBaba Kali Dass Ji Maharaj PakhokeBaba kalidas dham samplaBaba Kalidas Mandir Sampla RohtakBrahmalin Swami Prakashanand Ji Maharaj Murdered: Latest Newscarona cerfew updates in Patialajagadguru panchanand giri ji maharaj on carona virusJagat Guru Pujya Prakashanand Jikalidas maharaj jiKilling Of Sadhu In TempleKilling Of SadhusMaa Kali Devi Mandir Patiala swami prakashanand ji maharajMahamandleswar Swami PaRkashanand Ji Maharajmurder news two saints killedparas pitamber sharma anchor Raftaar News channelPhotos and Videos on HINDU MAHATMA MurderedPrakashanand SaraswatiPt Kalidas Ji MaharajRaftaar rapperraftar tvRakhi Festival Hindu PanchangRakhi muhurat timing| Raksha Bandhan 2020Raksha Bandhan 2020 DateRaksha Bandhan 2020 Date and good bad TimeRaksha Bandhan 2020 Date and TimeRaksha Bandhan 2020 date shubh muhurat tithiRaksha Bandhan 2020 MuhuratRaksha Bandhan 2020 Shubh Muhurat Timingraksha bandhan good and bad timing 2020Raksha Bandhan Mantra Archivesraksha bandhan raksha bandhan date 2020 rakhi bandhanRakshabandhanRevealing Of Killing Of SadhuSAINTS MURDERED LATEST NEWSSearch Results Web results Jagat Guru Panchanand Giri Ji Maharaj on carona virusShri Kali Devi Temple patialashri kali mata mandir patialaShubh Muhurat to Tie RakhiSubh raksha bandhanSwami Anant Shyam Devwhen is Raksha Bandhan 2020 Muhurat Rakhi date tithiWho is responsible for killing saints?आचार्य महामंडलेश्वर श्री प्रकाशानंद महाराजआचार्य महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज आचार्य महामंडलेश्वर श्री 1008 स्वामी प्रकाशानंद जी महाराजकालिदास सन्मान पुरस्कारकाली दास महाराज काली दास महाराज का डेरा रोहतक जिले के सांपला में हैजगतगुरु जूना अखाड़ा श्री पंचानंद गिरी जी महाराजजगद्गुरु पंचानंदपंचानंद-गिरी-जी-महाराज लेटेस्ट न्यूज़बाबा कलिदास आश्रम सैम्पलरक्षा बंधन 2020रक्षा बंधन 2020 | राखी का शुभ मुहूर्त और महत्त्वरक्षाबंधन 2020 : इस बार कब बंधेगी राखीरक्षाबंधन 2020 तिथि शुभ मुहूर्तरक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का टाइम कब से शुरू होगा / RAKSHABANDHAN KE DIN RAKHI BANDHNE KA TIMEराखी 2020राखी टाई टाइमिंगशुभ मुहूर्तशुभ मुहूर्त और राखीश्री काली माता मंदिर पटियाला पंजाबश्री मज्जगदगुरु रामानुजाचार्य परम पूज्य स्वामी श्री अनंत श्याम देवाचार्य जी महाराजश्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंदश्री श्री 1008 बाबा कालिदास जी महाराजश्री श्री 1008श्री कालीदास जी महाराजसंत कालिदाससंत कालिदास महाराज जी का आशीर्वादसद्गुरु कालिदास जी महाराज नाथ सम्प्रदायसांपला के बाबा कालिदास धामस्वामी प्रकाशानंद जी महाराज
ShareTweetPin
Previous Post

एक और हुए मुख्यमंत्री कोरोनावायरस से संक्रमित, ट्वीट कर दी जानकारी

Next Post

रक्षाबधंन पर पढ़ें पौराणिक कथा: माता लक्ष्मी ने सबसे पहले बांधी थी राजा बलि को राखी

Related Posts

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और एन.डी.एम.सी. द्वारा ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों के विकास व सौंदर्यीकरण पर विचार-विमर्श : हरमीत सिंह कालका
BREAKING

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और एन.डी.एम.सी. द्वारा ऐतिहासिक सिख धार्मिक स्थलों के विकास व सौंदर्यीकरण पर विचार-विमर्श : हरमीत सिंह कालका

January 21, 2026
0
मोहाली में बिजली सुधारों पर 750 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं
BREAKING

मोहाली में बिजली सुधारों पर 750 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं

January 20, 2026
0
माता सरदारनी सतवंत कौर जी की आत्मिक शांति हेतु कीर्तन एवं अंतिम अरदास — 20 जनवरी को गुरुद्वारा मोती बाग साहिब, पटियाला में
BREAKING

माता सरदारनी सतवंत कौर जी की आत्मिक शांति हेतु कीर्तन एवं अंतिम अरदास — 20 जनवरी को गुरुद्वारा मोती बाग साहिब, पटियाला में

January 19, 2026
0
हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सेवा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध : स्वास्थ्य मंत्री आरती राव
BREAKING

हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सेवा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध : स्वास्थ्य मंत्री आरती राव

January 17, 2026
0
हरियाणा–ब्रिटिश कोलंबिया सहयोग को मिली नई गति
BREAKING

हरियाणा–ब्रिटिश कोलंबिया सहयोग को मिली नई गति

January 17, 2026
0
बहादुरी, त्याग और शान का प्रतीक — भारतीय सेना दिवस पर राणा गुरजीत सिंह का नमन
BREAKING

बहादुरी, त्याग और शान का प्रतीक — भारतीय सेना दिवस पर राणा गुरजीत सिंह का नमन

January 15, 2026
0
Next Post
रक्षाबधंन पर पढ़ें पौराणिक कथा: माता लक्ष्मी ने सबसे पहले बांधी थी राजा बलि को राखी

रक्षाबधंन पर पढ़ें पौराणिक कथा: माता लक्ष्मी ने सबसे पहले बांधी थी राजा बलि को राखी

Ozi News

© 2024 ozinews.in - Powered by Ozi Broadcasters Private Limited+919317088800

Navigate Site

  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • CONTACT US

Follow Us

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • CONTACT US

© 2024 ozinews.in - Powered by Ozi Broadcasters Private Limited+919317088800