नयी दिल्ली, 22 जुलाई (प्रेस की ताकत ब्यूरो)
सुप्रीम कोर्ट ने ‘मोदी सरनेम’ को लेकर की गई विवादित टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अर्जी पर गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी और राज्य सरकार से शुक्रवार को जवाब मांगा। हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस पीके मिश्रा की पीठ ने अगली सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तारीख तय की। पूर्णेश मोदी ने 13 अप्रैल 2019 को एक चुनावी जनसभा के दौरान ‘मोदी उपनाम’ को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। पीठ ने कहा, ‘इस स्तर पर सीमित सवाल यह है कि क्या दोषसिद्धि पर रोक लगाई जानी चाहिए।’
जस्टिस गवई ने बताई अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि : जस्टिस गवई ने सिंघवी और पूर्णेश मोदी की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी से कहा कि उनके दिवंगत पिता आरएस गवई चार दशकों से अधिक समय तक कांग्रेस से जुड़े हुए थे और उसके समर्थन से संसद सदस्य और विधायक चुने गए थे। जस्टिस गवई ने कहा कि उनके भाई भी एक राजनीतिक नेता हैं। उन्होंने सवाल किया, ‘अगर किसी को मेरी (पारिवारिक) पृष्ठभूमि से कोई समस्या है, तो कृपया बताएं।’ इस पर सिंघवी और जेठमलानी ने कहा कि वे इस तथ्य से अवगत हैं और उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।













