छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- श्री शक्ति ट्रस्ट एवं संस्कृत पुस्तकोन्नति सभा द्वारा संचालित सन्त श्री आशारामजी आश्रम खजरी में प्रतिवर्षानुसार इस बार भी गुरुपूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास मनाया गया । प्रातः से ही साधक , भक्तों का तांता लगा रहा जो देर रात तक जारी रहा । दिनभर कई दैवीय कार्य सम्पन्न हुए । प्रातः 10 बजे श्री गुरु चरण पादुका पूजन , 11 बजे श्री गुरुगीता पाठ , 12 बजे पूज्य बापूजी की कृपापात्र शिष्या साध्वी प्रतिमा बहन का दिव्य सत्संग सम्पन हुआ। साध्वी बहन ने बताया कि गुरुपूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहतें हैं। आज का दिन साधक भक्तों के लिए विशेष दिन होता है। वर्ष भर में 12 पूर्णिमा होती हैं। इन दिनों ध्यान , भजन , पूजन दान , आदि पुण्य कर्मों का विधान है । वर्षभर की पूर्णिमा पर यह सब ना कर पाए तो गुरुपूर्णिमा को पुण्य कर्म करके वर्ष भर की पूर्णिमा का लाभ ले सकतें हैं। कई जन्मों के पुण्य जब जोर मारते हैं और ईश्वर की कृपा होती है तब कहीं जाकर ब्रह्मज्ञानी गुरु मिलतें हैं। ब्रह्मज्ञानी गुरु ही हमें ईश्वर प्राप्ति और मोक्ष का रास्ता दिखाते हैं । आज पूरे देशभर के 550 आश्रमों में करोड़ों – करोड़ों साधक भक्त गुरु पूर्णिमा का पुण्य लाभ ले रहें हैं। जगह-जगह भंडारे और सेवायें चल रहीं हैं। समिति ने सभी श्रद्धालु , भक्तों के लिए भोजन और हलवा प्रसाद की व्यवस्था की । जिसमें 26 हजार से अधिक साधक भक्तों ने लाभ लिया ।जिला प्रशासन के एल आई बी की रिपोर्ट संख्या कही और अधिक है । इस सेवाकार्य में समिति के अध्यक्ष मदनमोहन परसाई , खजरी आश्रम के संचालक जयराम भाई , गुरुकूल की संचालिका दर्शना खट्टर , युवा सेवा संघ के अध्यक्ष दीपक डोईफोड़े , गेंदराव कराडे , धनाराम सनोडिया ,विशाल चवुत्रे ,महेश चगुलानी महिला समिति से सुमन डोईफोड़े , विमल शेरके , छाया सूर्यवंशी , डॉ. मीरा पराडकर , शकुंतला कराडे , अभिलाषा ठक्कर ,आदि ने अपनी- अपनी सेवाएं दीं।













