Friday, March 6, 2026
No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • CONTACT US
No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • CONTACT US
No Result
View All Result
Ozi News
Ozi News
No Result
View All Result
ADVERTISEMENT
Home BREAKING

विकसित भारत–जी राम जी ने मनरेगा को कमजोर किया, बोझ राज्यों पर थोपा : राणा गुरजीत सिंह

admin by admin
December 29, 2025
in BREAKING
Reading Time: 1 min read
A A
0
लाला लाजपत राय जी के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि — राणा गुरजीत सिंह का राष्ट्रीय चेतना संदेश
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
ADVERTISEMENT

RelatedPosts

सैमसंग ने 2030 के लिए तय किए नए पर्यावरणीय लक्ष्य, सर्कुलैरिटी को बढ़ावा देगा

सैमसंग ने 2030 के लिए तय किए नए पर्यावरणीय लक्ष्य, सर्कुलैरिटी को बढ़ावा देगा

March 4, 2026
0
मीडिया और चुनाव पर संवाद: सीईओ पंजाब की पीयू छात्रों से बातचीत

मीडिया और चुनाव पर संवाद: सीईओ पंजाब की पीयू छात्रों से बातचीत

February 6, 2026
0
पुलिस ज्यादती के खिलाफ मिसल सतलुज का सख्त रुख

पुलिस ज्यादती के खिलाफ मिसल सतलुज का सख्त रुख

February 4, 2026
0
कांग्रेस के पास मुद्दे नहीं, सिर्फ झूठी बयानबाजी: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी

कांग्रेस के पास मुद्दे नहीं, सिर्फ झूठी बयानबाजी: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी

February 4, 2026
0
रमनदीप सिंह थापर को जन्मदिन की बधाई: हरमीत सिंह कालका

रमनदीप सिंह थापर को जन्मदिन की बधाई: हरमीत सिंह कालका

February 4, 2026
0
नेहा दीवान करकरा हायर ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम पास करने के बाद एडिशनल सेशंस जज बनीं

नेहा दीवान करकरा हायर ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम पास करने के बाद एडिशनल सेशंस जज बनीं

February 2, 2026
0
ADVERTISEMENT
  • Twitter
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Facebook Messenger
  • Copy Link
  • Facebook

मोगा, 29 दिसंबर 2025
कपूरथला से विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राणा गुरजीत सिंह ने आज भारत सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर विकसित भारत—गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (विकसित भारत–जी राम जी) विधेयक, 2025 किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की।
आज यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि उन्हें नई योजनाओं के नाम रखने पर कोई आपत्ति नहीं है और केंद्र सरकार “विकसित भारत” के नाम से जितनी चाहे योजनाएं ला सकती है, लेकिन उन्होंने उस ऐतिहासिक कल्याणकारी कानून की “स्टीरियोटाइपिंग और कमजोर किए जाने” पर कड़ा ऐतराज जताया, जो लगभग दो दशकों से भारत के ग्रामीण इलाकों के लिए जीवन-रेखा साबित हुआ है।
उन्होंने याद दिलाया कि यह विधेयक 16 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया था और पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है। मनरेगा, जो 2005 में अधिनियमित हुआ और 2 फरवरी 2006 से लागू हुआ, डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि के रूप में लाया गया था। इसके तहत हर ग्रामीण परिवार को सालाना 100 दिनों का मजदूरी आधारित रोजगार कानूनी गारंटी के साथ दिया गया। यह एक मांग-आधारित कार्यक्रम था, जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों को ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के तहत कार्यों का चयन करने का अधिकार प्राप्त था। इस विकेंद्रीकृत ढांचे से, उन्होंने कहा, जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हुआ और स्थानीय विकास की प्राथमिकताओं को पूरा किया गया।
राणा गुरजीत सिंह ने जोर देकर कहा कि कोरोना महामारी के दौरान मनरेगा ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संकट से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वित्त वर्ष 2024–25 में ही इस योजना के तहत 286.18 करोड़ मानव-दिवस रोजगार सृजित हुआ, 5.78 करोड़ परिवारों को सहारा मिला और 7.88 करोड़ व्यक्तियों को काम प्रदान किया गया।
उन्होंने बताया कि लाभार्थियों में 58 प्रतिशत महिलाएं थीं, जबकि 18 प्रतिशत अनुसूचित जातियों और 18 प्रतिशत अनुसूचित जनजातियों से संबंधित थे। इसके अतिरिक्त 4.82 लाख दिव्यांग व्यक्तियों को भी इस कार्यक्रम से लाभ मिला।
विकसित भारत–जी राम जी विधेयक की निंदा करते हुए कपूरथला के विधायक और पंजाब के पूर्व मंत्री ने कहा कि यह पहले से ही संसाधनों की कमी से जूझ रही राज्य सरकारों—विशेषकर पंजाब, जो गंभीर वित्तीय संकट में है—पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब में मनरेगा के तहत औसतन केवल लगभग 40 दिन का ही काम मिल पाया है, इसलिए 125 दिनों के दावे बेमानी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून मजदूर यूनियनों और संसद जैसे हितधारकों से परामर्श किए बिना एकतरफा तरीके से पारित किया गया है।
राणा गुरजीत सिंह ने इस नए कानून को संघीय ढांचे पर हमला बताते हुए कहा कि इसका वास्तविक उद्देश्य शक्तियों का केंद्रीकरण है। हालांकि कानून सालाना गारंटीकृत रोजगार को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का वादा करता है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यह गारंटी केंद्र सरकार के बजटीय आवंटनों पर निर्भर है।
विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के वित्तीय ढांचे के अनुसार, राज्यों को योजना की लागत का बड़ा हिस्सा (आमतौर पर 40 प्रतिशत) वहन करना होगा, जो मनरेगा के केंद्र-प्रधान वित्तपोषण मॉडल से एक बड़ा बदलाव है।
मनरेगा के विपरीत, जो मांग-आधारित था, नया विधेयक एक मानक (नॉर्मेटिव) आवंटन प्रणाली का प्रस्ताव करता है, जिसके तहत “वस्तुनिष्ठ मापदंडों” के आधार पर राज्यों को धन आवंटित किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया, “यदि केंद्र सरकार का अनुमानित आवंटन ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार देने के लिए अपर्याप्त हुआ तो क्या होगा?”
उन्होंने यह भी पूछा कि जब राज्यों से एकत्र किए गए करों—जीएसटी सहित—का बड़ा हिस्सा केंद्रीय खजाने में जाता है, तो केंद्र गरीबों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने से क्यों हिचक रहा है।
मनरेगा के मूल उद्देश्य स्पष्ट करते हुए राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि यह योजना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा ग्रामीण बेरोजगारी से निपटने, गरीबी घटाने, मजबूरी में होने वाले पलायन को रोकने और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लाई गई थी। इसके लागू होने से पहले ग्रामीण रोजगार अनिश्चित योजनाओं पर निर्भर था, जहां काम की कोई कानूनी गारंटी नहीं थी और किसान, मजदूर तथा भूमिहीन परिवार सूखे और कृषि के मंद मौसम के दौरान असुरक्षित रहते थे।
अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि मनरेगा की मूल भावना की रक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी नया कानून ग्रामीण रोजगार की गारंटी को कमजोर करने के बजाय और अधिक मजबूत करे।

Post Views: 33
  • Twitter
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Facebook Messenger
  • Copy Link
  • Facebook
ShareTweetPin
Previous Post

मोहाली में कांग्रेस को बड़ा झटका: करीब 50 परिवार आम आदमी पार्टी में शामिल

Next Post

पुतिन के आवास पर यूक्रेनी हमले को लेकर ट्रंप ‘बहुत गुस्से’ में

Related Posts

सैमसंग ने 2030 के लिए तय किए नए पर्यावरणीय लक्ष्य, सर्कुलैरिटी को बढ़ावा देगा
BREAKING

सैमसंग ने 2030 के लिए तय किए नए पर्यावरणीय लक्ष्य, सर्कुलैरिटी को बढ़ावा देगा

March 4, 2026
0
मीडिया और चुनाव पर संवाद: सीईओ पंजाब की पीयू छात्रों से बातचीत
BREAKING

मीडिया और चुनाव पर संवाद: सीईओ पंजाब की पीयू छात्रों से बातचीत

February 6, 2026
0
पुलिस ज्यादती के खिलाफ मिसल सतलुज का सख्त रुख
BREAKING

पुलिस ज्यादती के खिलाफ मिसल सतलुज का सख्त रुख

February 4, 2026
0
कांग्रेस के पास मुद्दे नहीं, सिर्फ झूठी बयानबाजी: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी
BREAKING

कांग्रेस के पास मुद्दे नहीं, सिर्फ झूठी बयानबाजी: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी

February 4, 2026
0
रमनदीप सिंह थापर को जन्मदिन की बधाई: हरमीत सिंह कालका
BREAKING

रमनदीप सिंह थापर को जन्मदिन की बधाई: हरमीत सिंह कालका

February 4, 2026
0
नेहा दीवान करकरा हायर ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम पास करने के बाद एडिशनल सेशंस जज बनीं
BREAKING

नेहा दीवान करकरा हायर ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम पास करने के बाद एडिशनल सेशंस जज बनीं

February 2, 2026
0
Next Post
पुतिन के आवास पर यूक्रेनी हमले को लेकर ट्रंप ‘बहुत गुस्से’ में

पुतिन के आवास पर यूक्रेनी हमले को लेकर ट्रंप ‘बहुत गुस्से’ में

Ozi News

© 2024 ozinews.in - Powered by Ozi Broadcasters Private Limited+919317088800

Navigate Site

  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • CONTACT US

Follow Us

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • HOME
  • BREAKING
  • PUNJAB
  • HARYANA
  • INDIA
  • WORLD
  • SPORTS
  • ENTERTAINMENT
  • CAREER
  • EDUCATION
  • DHARAM
  • CONTACT US

© 2024 ozinews.in - Powered by Ozi Broadcasters Private Limited+919317088800