नई दिल्ली, 7 नवंबर 2025 (मनमोहन सिंह):
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने बताया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा विश्व-प्रसिद्ध गायक, संगीतकार और कवि डॉ. सतिंदर सरताज का सम्मान किया गया है। यह सम्मान उनकी उस रूहानी और भावपूर्ण रचना “हिंद की चादर” के लिए किया गया है, जो श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित है।
सरदार कालका ने कहा कि डॉ. सरताज की यह रचना न केवल गुरु तेग बहादुर साहिब जी के बलिदान की याद को ताज़ा करती है, बल्कि मानवता, धर्म और सत्य की रक्षा के उनके अमर संदेश को भी पूरे विश्व में प्रसारित करती है। उनकी यह गीतात्मक रचना गुरु साहिब के बेमिसाल बलिदान की रूहानी झलक है, जो करोड़ों दिलों में श्रद्धा और प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
सरदार हरमीत सिंह कालका ने कहा कि डॉ. सतिंदर सरताज जैसे कलाकार सिख इतिहास और संस्कृति को अपनी कला के माध्यम से जीवंत बनाए हुए हैं। उनके रूहानी सुरों ने गुरु साहिब के अमर वचन — “सिर दिया पर सिर धर्म न दिया” — की असली भावना को लोगों के हृदयों तक पहुँचाया है।
डी.एस.जी.एम.सी. ने डॉ. सरताज के योगदान को उत्कृष्ट कला की मिसाल मानते हुए उन्हें सम्मानित किया। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने यह भी घोषणा की कि आने वाले शहीदी समारोहों में उनकी यह रचना “हिंद की चादर” विशेष रूप से प्रस्तुत की जाएगी, ताकि संगतें गुरु तेग बहादुर साहिब जी की बलिदानी आत्मा से जुड़ सकें।













