राज्यों में चुनावी जीत के बाद सत्ता की कमान सौंपने में हमेशा चौंकाने वाले भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने अब राजस्थान के मामले में भी ऐसा ही किया है। मध्य प्रदेश में मोहन यादव और छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय को कमान सौंपने के बाद राजस्थान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े और पहली बार के विधायक भजनलाल शर्मा को नया मुख्यमंत्री घोषित किया गया है।
भाजपा विधायक दल की मंगलवार शाम यहां हुई बैठक में शर्मा को विधायक दल का नेता चुना गया। पार्टी द्वारा विधायक प्रेमचंद बैरवा व दीया कुमारी को राजस्थान का उपमुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की गई। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने विधायक दल के नेता के रूप में शर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा जिसे विधायक दल ने स्वीकार कर लिया। बैठक में भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और दो सह-पर्यवेक्षक विनोद तावड़े और सरोज पांडे मौजूद रहे। शर्मा बाद में पार्टी के अन्य नेताओं के साथ राजभवन में राज्यपाल कलराज मिश्र से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। राजनाथ सिंह ने बताया कि वासुदेव देवनानी विधानसभा अध्यक्ष होंगे। गौर हो कि राज्य में विधानसभा की 200 में 199 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा को 115 सीटों पर जीत मिली। उल्लेखनीय है कि बीते दो दशक में पहली बार भाजपा की ओर से राजस्थान में कोई नया चेहरा मुख्यमंत्री होगा। इससे पहले वसुंधरा राजे 2003 से 2008 और 2013 से 2018 तक दो बार मुख्यमंत्री पद पर रह चुकी हैं। इस बार भी उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल माना जा रहा था। बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण 15 को होगा।
हिमाचल के सिरमौर राजघराने से भी जुड़े हैं दीया कुमारी के संबंध
सोलन (यशपाल कपूर/निस) : राजस्थान में उप मुख्यमंत्री नामांकित दीया कुमारी सिरमौर रियासत के राजवंश के मुखिया लक्ष्यराज की मां व सिरमौर रियासत के अंतिम शासक राजेंद्र प्रकाश की दोहती हैं। दीया के उप मुख्यमंत्री बनने पर सिरमौर में खुशी का माहौल है। करीब 11 साल पहले जयपुर राजघराने की राजमाता पद्मिनी देवी ने दोहते लक्ष्यराज को मंगल तिलक के बाद सिरमौर रियासत का मुखिया (अप्रत्यक्ष तौर पर कहें तो राजा) बनाने का ऐलान किया था। चूंकि उस समय लक्ष्यराज की उम्र 9 साल की थी, लिहाजा राज परिवार के सदस्य व पूर्व विधायक अजय बहादुर सिंह को केयरटेकर बनाने का भी ऐलान हुआ था। सिरमौर रियासत के अंतिम शासक की बेटी पद्मिनी देवी का विवाह जयपुर राजघराने के महाराजा ब्रिगेडियर भवानी सिंह से हुआ था। भवानी सिंह ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में 10वीं पैराशूट रेजिमेंट के पैरा कमांडो के लेफ्टिनेंट कर्नल और कमांडिंग ऑफिसर के रूप में गौरव हासिल किया था। दीया कुमारी उनकी इकलौती संतान हैं, जबकि दीया कुमारी के दो बेटे व एक बेटी है। बड़े बेटे पद्मनाभ सिंह को जयपुर की राजगद्दी दी गयी। हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने दीया कुमारी की नियुक्ति पर खुशी जाहिर की है।













