विशाखापत्तनम, 20 नवंबर (एजेंसी)
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक घाट पर आग लगने से मछली पकड़ने वाली 35 नौकाएं जलकर खाक हो गईं। पुलिस ने उन 10-15 लोगों की तलाश शुरू कर दी है, जो कथित रूप से एक नौका पर पार्टी कर रहे थे।
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे घाट पर बालाजी की एक नौका में आग लग गई। सोमवार सुबह 4 बजे आग पर काबू पा लिया गया। दुर्घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बंदरगाह के सहायक पुलिस आयुक्त बी मोसेस पॉल ने कहा कि पुलिस ऐसे 10-15 लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जिन्होंने लेनदेन को लेकर झगड़ा किया था। पूछताछ के बाद ही आग लगने के कारण के बारे में ज्यादा जानकारी मिलेगी। पॉल ने बताया, एक नौका में आग लगने के बाद समूह ने नौका को खोलकर समुद्र में धकेल दिया, लेकिन वह नौकाओं की ओर वापस चली आई, जिससे भीषण आग लगी। उन्होंने बताया कि आग कंटेनर टर्मिनल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के पास लगी, जहां मछली पकड़ने वाली नौकाएं खड़ी थीं।
नौकाओं पर रखे रसोई गैस सिलेंडरों में हुए धमाके
घटना की सूचना मिलते ही शहर भर से अग्निशमन की 25 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया तथा नौसेना की अग्निशमन नौका की मदद से फोम और रेत छिड़ककर आग पर काबू पाया गया। पॉल ने बताया कि शुरुआत में दमकल की गाड़ियां आग पर काबू नहीं पा सकी, क्योंकि लगभग हर नौका में डीजल और रसोई गैस सिलेंडर थे। प्रत्येक 10 से 15 मिनट पर नौका पर रखे सिलेंडरों में विस्फोट हो रहा था।
लाखों की नौकाएं, हजारों लीटर था डीजल
विशाखापत्तनम के जोन दो के पुलिस उपायुक्त आनंद रेड्डी ने कहा कि तेज हवा चल रही थी, जिससे फाइबर (प्लास्टिक) से बनी नौका और आसपास खड़ी नौकाओं में आग तेजी से फैल गई। रेड्डी ने कहा, इनमें से कई नौकाएं 5,000 लीटर तक डीजल वाली भी हैं, क्योंकि मछुआरे हफ्तों तक समुद्र में रहते हैं। कई नौकाएं एलपीजी सिलेंडरों से भी लदी होती हैं, जिनका उपयोग मछुआरे खाना पकाने के लिए करते हैं। आनंद रेड्डी ने कहा कि अनुमान के मुताबिक, प्रत्येक नौका की कीमत 35 लाख से 50 लाख रुपये के बीच है। पुलिस ने दुर्घटनावश आग लगने का मामला दर्ज किया है।













