नई दिल्ली, 22 जनवरी 2026
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े विकासपुरी–जनकपुरी हिंसा मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट द्वारा सज्जन कुमार को बरी किए जाने के फैसले पर गहरा दुख और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
सरदार कालका ने कहा कि यह फैसला केवल उन पीड़ित परिवारों के लिए ही नहीं, जो पिछले चार दशकों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, बल्कि पूरे सिख समुदाय के लिए अत्यंत पीड़ादायक और निराशाजनक क्षण है। उन्होंने कहा कि 1984 के ज़ख़्म आज भी ताज़ा हैं और इस प्रकार के फैसले पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने के समान हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देगी और इस मामले को पूरी गंभीरता, दृढ़ संकल्प और कानूनी तैयारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
सरदार हरमीत सिंह कालका ने दोहराया कि डीएसजीएमसी पीड़ित परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और जब तक दोषियों को पूर्ण और अटल न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि न्याय में देरी हो सकती है, लेकिन न्याय से इनकार कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। सिख समुदाय की यह लड़ाई किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए है।













