योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि गीता स्थली कुरुक्षेत्र से पूरे विश्व को ज्ञान और संस्कार मिल रहा है। इस पवित्र ग्रंथ गीता में विरासत, विकास, ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का मार्ग मिलता है। इसलिए प्रत्येक मानव को बड़ी सोच रखकर कड़ी मेहनत से आगे बढ़ना चाहिए। इस पवित्र ग्रंथ गीता से वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का मार्ग भी मिलेगा। इस देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवा पीढ़ी का अहम योगदान रहेगा। इसलिए युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव जैसे बड़े कार्यक्रमों के साथ-साथ वैश्विक गीता पाठ जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बधाई के पात्र है जो अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव जैसे आयोजनों को लगातार प्रमोट कर रहे हैं। इसी पावन धरा पर हजारों वर्ष पूर्व भगवान श्री कृष्ण कर्म करने का संदेश दिया। आज युवा पीढ़ी को गीता के उपदेशों को अपने जीवन में धारण करना चाहिए और अपने अंदर के ज्ञान को जागृत करना चाहिए।
इस मौके पर बाबा भूपेंद्र सिंह, स्वामी मास्टर महाराज, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा, राष्ट्रीय डिजाईन संस्थान की निदेशिका डॉ. रमणीक कौर, पूर्व राज्यमंत्री श्री सुभाष सुधा ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच, चेयरमैन जयदीप आर्य, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, सीएम के ओएसडी भारत भूषण भारती, स्वामी संपूर्णानंद महाराज, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति करतार सिंह धीमान सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।













